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पंजाब में बिजली संकट पर सड़क से सियासत तक घमासान, किसान-उद्योगपति बोले- घंटों कटौती से बिगड़े हालात; सरकार ने किया 24 घंटे सप्लाई का दावा

Punjab News: पंजाब में बिजली आपूर्ति को लेकर किसान, कारोबारी और विपक्ष सरकार के सामने मोर्चा खोल रहे हैं, कई इलाकों में घंटों कटौती की शिकायतें सामने आई हैं। मोगा-मानसा में किसानों ने सिंचाई के लिए बिजली की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, जबकि लुधियाना में उद्योगपतियों ने लंबे पावर कट और बढ़ती लागत पर नाराजगी जताई।

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PSPCL ऑफिस के बाहर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं पर चली वॉटर कैनन

Photo : ANI

Punjab News: पंजाब में पिछले काफी समय से लंबे बिजली के कट लग रहे हैं चाहे घरेलू क्षेत्र हो या कृषि क्षेत्र या फिर उद्योग हर जगह बिजली की किल्लत देखने को मिल रही है। पॉवर कट से परेशान किसान, उद्योगपति और राजनीतिक दल सड़कर पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मोगा और मानसा में किसानों ने बिजली कटौती को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं लुधियाना में उद्योगपतियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जबकि में कांग्रेस ने पीएसपीसीएल कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया।

13 सितंबर को सुबह 7 बजे से आज सुबह तक कोई पावर कट नहीं हुआ

दरअसल, पंजाब में बिजली की बढ़ती मांग के बीच बिजली कटौती ने आम लोगों के साथ-साथ उद्योग और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई जगहों पर कई-कई घंटे के कट लग रहे हैं जिससे रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हुआ है। 13 सितंबर को पंजाब में बिजली की मांग 16,519 मेगावाट तक पहुंच गई। पिछले साल इसी अवधि में मांग 12,489 मेगावाट थी। यानी इस बार मांग में करीब 4 हजार मेगावाट का इजाफा हुआ है। पवार कट को लेकर पंजाब के बिजली मंत्री तरुणप्रीत सौंध ने कहा पंजाब में 13 सितंबर को सुबह 7 बजे से आज सुबह तक कोई पावर कट नहीं लगा है। घरेलू, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और कृषि सभी उपभोक्ताओं को 24x7 बिजली मिल रही है।

बिजली संकट को लेकर सियासी घमासान

धान के सीजन को देखते हुए किसानों को आज से 8 घंटे की जगह 10 घंटे बिजली दी जाएगी। सितंबर में पिछले साल बिजली की पीक डिमांड 13,100 MW थी जो इस साल 16,600 MW पार पहुंची है। इतनी बड़ी बढ़ोतरी से कई पावर ग्रिड फेल हो सकते थे लेकिन PSPCL ने स्थिति को अच्छे से संभाला हैं। लेकिन बिजली संकट को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। पटियाला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बिजली व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार के दावों के बावजूद जमीन पर लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। वहीं भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों का कहना है की बिजली की समस्या का असर खासकर उद्योगों में ज्यादा देखने को मिल रहा है। सरकार कहती थी की हमारे पास बिजली की कोई कमी नहीं है तो फिर ऐसे हालात क्यों हैं? न आम लोगों को बिजली मिल रही है न ही किसानों को।

मोगा और मानसा में किसानों का विरोध प्रदर्शन

वहीं मोगा और मानसा में भी बिजली की किल्लत को लेकर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों की परेशानी सीधे खेती से जुड़ी है। बिजली की कटौती का असर सिंचाई पर पड़ रहा है और किसानों का कहना है कि जरूरत के वक्त पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है, महज 2 घंटे बिजली मिल रही है। उधर उद्योगपतियों ने भी बिजली किल्लत को लेकर लुधियाना में सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया। उद्यमियों ने पंजाब डायर एसोसिएशन संबंधित पर्दशन कर रहे उद्योमियों का यह आरोप था कि इंडस्ट्री को 14-14 घंटे बिजली कट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे लेबर भी काम छोड़कर जाने लगी है। उन्होंने ब्लैकआउट की आशंका जताते हुए कहा कि बिजली के रेट 8 रुपये से बढ़कर 9.50 रुपये प्रति यूनिट हो गए हैं। इससे जिस फैक्ट्री का बिल पहले 15 लाख रुपये था, वह बढ़कर 18 लाख रुपये हो गया है।

Manoj Kumar
मनोज कुमार author

मनोज कुमार को टीवी पत्रकारिता में काम करने का 20 साल का अनुभव है. वर्तमान में वह Times Now नवभारत में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. 2022 से चंडीगढ़ ब्यूरो हेड के तौर पर चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश को कवर कर रहे हैं. उन्होंने पंजाब बाढ़ त्रासदी, ऑपरेशन सिंदूर जैसी बड़ी घटनाओं को ग्राउंड जीरो से कवर किया है. हिमाचल प्रदेश में संजौली मस्जिद कवरेज के लिए उन्हें ENBA अवॉर्ड मिल चुका है.

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