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महिलाओं के खाते में क्रेडिट हुए 1000, 'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' बदलेगी पंजाब की सूरत; CM मान ने पूरा किया आखिरी वादा!

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि महिलाओं के खातों में जुलाई, अगस्त और सितंबर के तीन महीनों के पैसे एक साथ आ रहे हैं। अगर किसी घर में तीन माताएं हैं तो उनके 9000 रुपये एक साथ आएंगे।

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'मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना' का शुभारंभ करते सीएम भगवंत मान

पंजाब : पंजाब की लाखों महिलाओं का इंतजार खत्म हुआ। बुधवार को भगवंत सिंह मान सरकार ने अपनी आखिरी और सबसे बड़ी गारंटी पूरी करते हुए महिलाओं के बैंक खाते में 1000 रुपए की सम्मान राशि डाल दी। धुरी में मुख्यमंत्री ने एक वेब लिंक लॉन्च कर मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना का शुभारम्भ किया। सरकार ने एक साथ तीन महीने की किश्त जारी की है। सामान्य वर्ग की महिलाओं को 3000 और दलित महिलाओं के खाते में 4500 रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। 2022 में आम आदमी पार्टी ने पांच गारंटी दी थी। आज आखरी चुनावी वादा भी पूरा हो गया। उधर, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने योजना के शुभारम्भ पर पंजाब की महिलाओं को बधाई दी है। हालांकि, विपक्ष ने लेट लतीफी पर सवाल उठाए हैं। कहा देरी से पूरे किए गए वादे का पूरा चुकता करे सरकार।

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि आज पंजाब के लिए बहुत बड़ा दिन है। पंजाब की माताओं और बहनों के लिए बहुत बड़ा दिन है। अब तक सबने पंजाब को लूटा। भगवंत मान पंजाब के पहले मुख्यमंत्री है, जिन्होंने पंजाब को नहीं लूटा और सारा सरकारी पैसा लोगों तक पहुंचाया। पंजाब को लूटने वाले आज माताओं और बहनों को गालियां दे रहे हैं, भगवंत मान को गालियां दे रहे हैं। लेकिन वो समझ लें कि अब पंजाब बदल चुका है। अब पंजाब तेज़ी से विकास की राह पर चल रहा है।

एससी महिलाओं को मिलेंगे 1500

उधर, धुरी में स्कीम का शुभारंभ कर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज से बैंक का प्रोसेस शुरू हो गया है और किसी भी वक्त फोन पर मैसेज की आवाज आ सकती है। आज से सम्मान राशि आनी शुरू हो जाएगी। लोगों को बच्चों की फीस भरनी है, पढ़ाई या किसी और काम पर खर्च करना है या कोई उधार चुकाना है। मेरे पास कई दिनों से बहुत से वीडियो आ रहे हैं, जिनमें महिलाएं कह रही थीं कि उन्होंने दो तारीख का वादा करके उधार लिया है कि दो जुलाई को पैसे आएंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना में जनरल कैटेगरी की महिलाओं को 1000 रुपये और दलित माताओं को 1500 रुपये मिलेंगे। यह बहुत बड़ी योजना है और इसे तब शुरू किया गया है जब यह पक्का हो गया कि इसे किसी भी हाल में बंद नहीं करना है। इस योजना के तहत हमेशा पैसे आएंगे और यह स्कीम वापस नहीं ली जाएगी।

इस दौरान भगवंत सिंह मान ने विरोधियों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि विरोधी पार्टी वाले कहते हैं कि 1000 या 1500 रुपये से महिलाओं का क्या होगा? विरोधियों ने कभी गरीबी नहीं देखी है। इसलिए शायद उनके लिए यह कुछ न हो, लेकिन मैंने गरीबी देखी है, जहां लोग पांच रुपये की चाय पत्ती तक का हिसाब रखते हैं। उन्होंने कहा कि रीति-रिवाजों, बेटी के बच्चों को शगुन देने के लिए माताओं को अब अपने पति या बेटों की तरफ नहीं देखना पड़ेगा। अब महिलाओं के पास अपने पैसे होंगे और उनका सम्मान बना रहेगा। इसीलिए इस योजना का नाम मावां-धीयां सत्कार योजना रखा गया है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पंजाब की सभी माताओं-बहनों का सत्कार है। अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी इसी सोच के साथ बनी थी कि आम जनता का पैसा किसी न किसी रूप में वापस आम जनता को ही मिलेगा। चाहे आम आदमी क्लीनिक और अस्पताल बनाकर, सड़कें बनाकर, नौकरियां देकर, बिजली फ्री करके या नहरों का पानी देकर, किसी भी तरीके से पैसा आम लोगों तक पहुंचना चाहिए।

भगवंत सिंह मान ने बताया कि महिलाओं के खातों में जुलाई, अगस्त और सितंबर के तीन महीनों के पैसे एक साथ आ रहे हैं। अगर किसी घर में तीन माताएं हैं तो उनके 9000 रुपये एक साथ आएंगे। महिलाओं के पैसे आने पर उन्हें बधाई देते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन मैसेजों को सोशल मीडिया पर डाला करो ताकि उन विरोधी पार्टी वालों का मुंह बंद हो जाए जो कहते थे कि यह स्कीम कभी लागू नहीं होगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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