पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पंजाब से जुड़े कई अहम और लंबे समय से लंबित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था, कृषि संकट, अंतरराज्यीय पानी संबंधी विवाद, ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) की बकाया राशि, प्रस्तावित बीज बिल 2025, एसवाईएल नहर विवाद, एफसीआई द्वारा अनाज की ढुलाई, आढ़तिया कमीशन और चंडीगढ़ प्रशासन में पंजाब की भूमिका जैसे विषय प्रमुख रहे। सीएम ने इन सभी मुद्दों के जल्द और समयबद्ध समाधान की मांग की।
बार्डर पर तार शिफ्ट करने की मांग
सीएम मान ने इंटरनेशनल बॉर्डर पर कंटीली तार जीरो लाइन से काफी दूर लगाए जाने पर चिंता जताई और कहा कि इसके कारण कृषि योग्य हजारों एकड़ भूमि तार के दूसरी तरफ चली गई है। किसानों को अपने खेतों पर जाने के लिए रोजाना बीएसएफ की निगरानी में पहचान पत्र दिखाना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार तार बॉर्डर के नजदीक लगाया जाए, जिससे किसानों को राहत मिले।
बीज बिल 2025 पर सीएम ने जताई आपत्ति
मुख्यमंत्री मान ने प्रस्तावित बीज बिल 2025 पर गंभीर एतराज जताते हुए कहा कि यह बिल पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य की भूमिका को कमजोर करता है। इससे न केवल राज्य का प्रतिनिधित्व घटता है, बल्कि किसानों के मुआवजे और स्थानीय परीक्षण जैसे अहम मुद्दों को भी नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने बिल को मौजूदा रूप में संसद के सामने न लाने की अपील की है। सीएम ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने समस्याओं की जांच का भरोसा दिया है।
अनाज की धुलाई के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग
जल विवाद पर मुख्यमंत्री ने अमित शाह से चर्चा की। उन्होंने दो टूक कहा कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए कोई अतिरिक्त पानी नहीं है। सतलुज, रावी और ब्यास के पानी की उपलब्धता में काफी कमी आई है। इस कारण सतलज यमुना लिंक नहर का निर्माण व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने एफसीआई द्वारा अनाज की धीमी ढुलाई और भंडारण की कमी का मुद्दा भी उठाया। जिस पर उन्होंने स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग की। आरडीएफ और मार्केट फीस के बकाए पर सीएम मान ने कहा कि 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि लंबित है, जिससे ग्रामीण विकास पर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन में 60:40 अनुपात को बनाए रखने और एफसीआई पंजाब में पंजाब कैडर अधिकारी की नियुक्ति की भी मांग रखी गई।
