प्रयागराज

Mahakumbh 2025: बंद किया गया प्रयागराज संगम स्टेशन, क्या है वजह? जानें अब कहां से ट्रेन ले सकेंगे श्रद्धालु

Kumbh Updates: महाकुंभ 2025 के बीच प्रयागराज में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। इसी बीच प्रशासन ने पूर्णिमा से पहले प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। जानकारी के मुताबिक स्थिति सामान्य होने के बाद स्टेशन को दोबारा खोल दिया जाएगा। वहीं महाकुंभ में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर एकल दिशा प्लान लागू रहेगा।

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फाइल फोटो।

Prayagraj News: प्रयागराज में इन दिनों महाकुंभ के चलते भारी भीड़ देखने को मिल रही है। इसी बीच रेलवे प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए अगले आदेश तक प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन को बंद कर दिया गया है। ट्रेन पकड़ने के लिए अब यात्रियों को प्रयागराज जंक्शन जाना होगा। बताया जा रहा है कि स्टेशन को स्थिति सामान्य होने पर दोबारा खोला जाएगा।

भारी भीड़ के चलते बंद किया गया प्रयागराज संगम स्टेशन

प्रशासन ने बताया है कि बढ़ती भीड़ के चलते स्टेशन पर अत्यधिक दबाव बढ़ रहा था। ऐसे में अव्यवस्था से बचने के लिए स्टेशन बंद करने का फैसला लिया गया है। यात्रियों को अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए अब प्रयागराज जंक्शन जाना पड़ेगा। रेलवे अधिकारियों ने ये भी बताया कि भीड़ नियंत्रित होने के बाद स्टेशन को फिर से खोल दिया जाएगा।

बढ़ती भीड़ को देखते हुए लागू रहेगा रेलवे स्टेशन पर एकल दिशा प्लान

महाकुंभ 2025 में अमृत स्नान पर्वों के बाद भी संगम स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ भारी संख्या में प्रयागराज पहुंच रही है। महाकुंभ की शुरुआत हुए 26 दिन हो चुके हैं, अब तक महाकुंभ में 42 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र संगम में स्नान कर चुके हैं। इसके बाद भी प्रतिदिन महाकुंभ में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती ही जा रही है।

महाकुंभ में भीड़ की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रयागराज रेलवे ने एकल दिशा प्लान को अगले आदेश तक लागू रखने की योजना बनाई है। सुगम और सुरक्षित रेल यात्रा के लिए प्रयागराज रेलवे ने तीर्थयात्रियों के स्टेशन परिसर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्गों का निर्धारण किया है।

एक तरफ से एंट्री और दूसरी तरफ से एग्जिट का नियम

विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। महाकुंभ के अमृत स्नान पर्वों के बीत जाने के बाद भी पवित्र त्रिवेणी में स्नान करने वालों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रयागराज रेल मंडल ने अगले आदेश तक एकल दिशा प्लान लागू रखने का एलान किया है। रेल मंडल के पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि प्रयागराज रेलवे ने तीर्थयात्रियों की सुगम और सुरक्षित यात्रा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। मुख्य स्नान पर्वों की तरह ही प्रयागराज जंक्शन स्टेशन परिसर में यात्रियों का प्रवेश केवल सिटी साइड प्लेटफार्म नं. 1 से कराया जाएगा, जबकि निकास स्टेशन के सिविल लाइंस साइड, प्लेटफार्म नं. 6 और 10 की ओर से ही होगा।

पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि स्टेशन परिसर में तीर्थयात्रियों को प्लेटफार्म तक कलर कोडेड टिकट और आश्रय स्थल के माध्यम से ही पहुंचाया जाएगा। कलर कोडेड आश्रय स्थल दिशावार यात्रियों के गंतव्य स्टेशनों के मुताबिक बनाए गए हैं, जिनमें अस्थाई टिकट घर, शौचालय और यात्रियों के ठहरने की भी व्यवस्था की गई है।

उन्होंने बताया कि आरक्षित यात्रियों को स्टेशन में प्रवेश गेट संख्या 5 से दिया जाएगा। साथ ही प्रयागराज रेलवे ने तीर्थयात्रियों से सुगम और सुरक्षित रेल यात्रा के लिए ट्रेनों के निर्धारित समय से अतिरिक्त समय लेकर आने का अनुरोध किया है। इसके अलावा सिविल पुलिस के सहयोग से शहर में चलने वाले टैक्सी, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से अनुरोध किया गया है कि वे भी तीर्थयात्रियों को रेलवे स्टेशन एकल दिशा प्लान के मुताबिक ही लाएं, ताकि शहर में जाम और स्टेशन परिसर में भगदड़ की स्थिति से बचा जा सके।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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