प्रयागराज

Maha Kumbh 2025: माघ पूर्णिमा के लिए अतिरिक्त बसों का इंतजाम, हर 10 मिनट में मिलेगी सेवा; तीनों सेनाएं रहेंगी अलर्ट

Maha Kumbh 2025: प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ एक माघ पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लिए रोडवेज ने अतिरिक्त बसों का इंतजाम किया है। आरक्षित बसों के अलावा कनेक्टिंग सेवा के लिए शटल बसों का एक बेड़ा भी तैयार है। माघ पूर्णिमा एवं आगे के स्नान के लिए 1,200 बसें रिजर्व में रखी गई हैं।

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(फाइल फोटो)

Maha Kumbh 2025: प्रयागराज में त्रिवेणी के तट पर लगे आस्था के जनसमागम में माघ पूर्णिमा स्नान पर्व के पहले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का जनसैलाब उमड़ रहा है। यूपी रोडवेज ने इन आगंतुकों को वापस उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए कमर कस ली है। अलग से आरक्षित बसों के अलावा कनेक्टिंग सेवा के लिए शटल बसों का एक बेड़ा भी तैयार है। महाकुंभ में मंगलवार शाम तक 45 करोड़ लोग त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगा चुके हैं। प्रदेश की योगी सरकार इन्हें सकुशल, सुव्यवस्थित इनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए पूरी तन्मयता से कार्य कर रही है। दूसरी तरफ, यूपी रोडवेज ने भी अब माघ पूर्णिमा के स्नान के लिए अपनी कमर कस ली है।

1,200 बसें रिजर्व

उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने बताया कि महाकुंभ-2025 मेला के मुख्य स्नान पर्वों के सफल संचालन के लिए यात्रियों की अधिक संख्या को देखते हुए बसों की पूर्ति के लिए 1,200 अतिरिक्त ग्रामीण बसों की वृद्धि करके क्षेत्रवार आवंटन किया गया है। इसके अलावा महाकुंभ के लिए 3,050 बसें पूर्व से ही आवंटित हैं। 3,050 बसों के अतिरिक्त माघ पूर्णिमा एवं आगे के स्नान के लिए 1,200 बसें रिजर्व में रखी गई हैं, जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। महाकुंभ क्षेत्र से चार अस्थायी बस स्टेशनों पर पहुंच रहे आगंतुकों के लिए हर 10 मिनट में रोडवेज बस मिलेगी।

प्रयागराज महाकुंभ के माघ पूर्णिमा स्नान पर्व पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का जनसैलाब पहुंच रहा है। शहर के चारों तरफ बनाए गए अस्थायी बस स्टेशनों में रोडवेज का बसों का बेड़ा तैयार है। वहीं, इन अस्थायी बस स्टेशनों से महाकुंभ के नजदीक के स्थानों तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लिए 750 शटल बसें मौजूद हैं।

रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक, हर दो मिनट में शटल सेवा उपलब्ध है। बस स्टेशन में भीड़ न होने पाए, इसके लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है। परिवहन राज्य मंत्री ने परिवहन निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे यह सुन‍िश्‍च‍ित करें क‍ि आगे आने वाले दिनों में सभी अमृत स्नान के साथ ही आम दिनों में भी श्रद्धालुओं को बसों की कोई समस्या ना हो।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम

महाकुंभ में माघ पूर्णिमा स्नान के मद्देनजर बड़ी संख्या में आ रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर योगी सरकार ने व्यापक तैयारी की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महाकुंभ क्षेत्र के साथ ही शहर और मंडल के सभी अस्पताल हाई अलर्ट मोड में रहेंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल, थल और नभ से निगरानी की जा रही है। इसके तहत 133 एंबुलेंस को तैनात किया गया है, जो किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाने का काम करेंगी। इसमें 125 एंबुलेंस के अलावा सात रिवर एंबुलेंस और एक एयर एंबुलेंस विशेष रूप से तैनात की गई हैं।

महाकुंभ क्षेत्र के प्रत्येक सेक्टर में अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था की गई है। छोटे ऑपरेशनों से लेकर बड़ी सर्जरी तक की सुविधा मौजूद रहेगी। महाकुंभ मेला के नोडल चिकित्सा स्थापना डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि योगी सरकार की आपातकालीन सेवाएं विशेष रूप से एंबुलेंस सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस दौरान 2,000 से अधिक मेडिकल स्टाफ महाकुंभ क्षेत्र में तैनात रहेंगे, जबकि स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में 700 से अधिक मेडिकल फोर्स हाई अलर्ट पर रहेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष निर्देश पर एसआरएन अस्पताल में 250 बेड रिजर्व किए गए हैं। यहां पर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 200 यूनिट ब्लड भी सुरक्षित रखा गया है। वहीं, महाकुंभ नगर के 500 बेड क्षमता वाले सभी 43 अस्पतालों को भी पूरी तरह से मुस्तैद रखा गया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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