मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुदूर वनांचल तक पहुंच रहा है। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के तहत एक जरूरतमंद परिवार को समय पर आर्थिक मदद मिली, जिससे परिवार संतुष्ट है। यह संवेदनशील शासन व्यवस्था का एक उदाहरण भी है। कोंटा विकासखंड के ग्राम आरलमपल्ली निवासी और दुर्गा स्व-सहायता समूह से जुड़ी बिहान की दीदी दुधी सन्नी के आकस्मिक निधन के बाद उनके परिवार को मात्र दो महीने के भीतर 2 लाख रुपये का बीमा क्लेम उपलब्ध कराया गया। प्रशासन का कहना है कि यह सहायता निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद समयबद्ध तरीके से दी गई।
जानकारी के अनुसार दुधी सन्नी का 8 अप्रैल 2026 को निधन हो गया था। इसके बाद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में बिहान योजना की टीम ने बीमा दावा तैयार कर भारतीय स्टेट बैंक की दोरनापाल शाखा को भेजा। बैंक ने भी जरूरी औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया।
संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप मृतका के पति एवं नॉमिनी दुधी सोमा के बैंक खाते में 27 मई 2026 को 2 लाख रुपये की बीमा दावा राशि जमा कर दी गई। बाद में यह राशि नगर पंचायत अध्यक्ष राधा नायक की उपस्थिति में हितग्राही को सौंपी गई।
प्रशासन के अनुसार इस प्रक्रिया में भारतीय स्टेट बैंक दोरनापाल के ब्रांच मैनेजर आनंद सिंह, बिहान की पीआरपी रूकमणी कर्मा और एफएलसीआरपी शालिनी ओडला की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी विभागों के समन्वय से दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में रहने वाले परिवार को बिना अनावश्यक देरी के मदद उपलब्ध कराई जा सकी।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में शामिल है, जिसके तहत पात्र खाताधारकों को कम प्रीमियम पर जीवन बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराया जाता है। योजना का मकसद परिवार के कमाने वाले सदस्य के असामयिक निधन की स्थिति में आश्रितों को आर्थिक संबल प्रदान करना है। सुकमा का यह मामला दर्शाता है कि समय पर बीमा दावा मिलने से संकट की घड़ी में प्रभावित परिवार को तत्काल वित्तीय राहत मिल सकती है।
