Patna Five Star Hotels Construction: पटना में तीन साल के अंदर पांच सितारा 3 होटल बनकर तैयार हो जाएंगे। होटलों का निर्माण निजी क्षेत्र की भागीदारी से होना है। यह होटल पाटलिपुत्र अशोक, सुल्तान पैलेस और बांकीपुर बस स्टैंड परिसर में बनाए जाएंगे। इनमें 1075 रूम रहेंगे। इनके निर्माण पर 900 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। तीनों होटलों के चालू होने पर प्रत्यक्ष रूप से 1500 और अप्रत्यक्ष रूप से 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। पर्यटन विभाग बहुत जल्द निर्माण शुरू करने के लिए टेंडर निकालेगा।
दरअसल, हर साल सूबे में 2.5 करोड़ से अधिक पर्यटक आते हैं। ऐसे में पूरे सूबे में कहीं भी पांच सितारा होटल नहीं होने से पर्यटकों को काफी असुविधा होती है। इन्हें अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राजधानी में पांच सितारा तीन होटल बनाए जाएंगे। इस मामले को मुख्य सचिव के स्तर पर बनी एक समिति देख रही है। समिति में पर्यटन, वित्त, राजस्व एवं भूमि सुधार, नगर विकास एवं आवास विभाग, उद्योग विभाग के सचिव, प्रधान सचिव या अपर मुख्य सचिव सदस्य हैं। इस समिति द्वारा ही लीज नीति बनाई जा रही है।
बांकीपुर बस स्टैंड परिसर में बनेगा 22 मंजिला होटल
समिति ने विभाग कों टेंडर निकालने से पहले कुछ निर्देश दिए हैं। उनका पालन करने के बाद ही वैश्विक टेंडर निकाला जाएगा। पर्यटन विभाग के मुताबिक 1976 में बने होटल पाटलिपुत्र अशोक, 1926-28 में बने सुल्तान पैलेस की संरचना को तोड़ा जाना है। बांकीपुर बस स्टैंड परिसर में 22 मंजिला होटल बनाया जाएगा। यहां 3.5 एकड़ में 400 करोड़ रुपए होटल बनेगा। सुल्तान पैलेस में 4.8 एकड़ में 400 करोड़ रुपए और होटल पाटलिपुत्र अशोक में 1.5 एकड़ में 175 करोड़ रुपए से पांच सितारा होटल बनाया जाएगा। तीनों होटलों में सिंगल बेडरूम, डबल बेडरूम, वीआईपी सुइट्स, डिलक्स रूम, फैमिली डिलक्स रूम, प्रेसिडेंशियल सुइट्स, ब्राइडल सुइट्स, रेसिडेंस सुइट्स, आर्ट गैलरी, जिम, ग्रीन रूम, एक्जीक्यूटिव लाउंज, बिजनेस सेंटर, कॉफी शॉप, कॉन्फ्रेंस हॉल, बैंक्वेट हॉल, रेस्तरां, स्वीमिंग पुल, जूस बार, ब्यूटी पार्लर, स्पा और पार्किंग होगी।
यह कंपनी चला सकती हैं होटल
निजी क्षेत्र द्वारा तीनों होटलों का निर्माण एवं संचालन लीज के आधार पर 45 साल के हो सकता है। होटल चलाने में माहिर रेडिसन, ताज, लीला, हयात कंपनी को पटना के होटलों के संचालन की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके लिए पर्यटन विभाग की इन कंपनियों के साथ बातचीत चल रही है।
