Patna News: पटना, गया और मसौढ़ी के लोगों के लिए खुशखबरी है। पटना-गया सड़क मार्ग (NH22) बनने से इन स्थानों पर विकास की गति तेज होने की संभावना है। न केवल पटना, गया और मसौढ़ी बल्कि आस-पास के कई गांवों की सूरत भी बदली है। पटना-गया फोरलेन सड़क के निर्माण से लोगों को बहुत लाभ होगा। फोरलेन की सड़क होने से लोगों को जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा लोग कम समय में लंबी दूरी तय कर सकते हैं। बता दें कि पहले पटना से गया जाने के लिए एनएच 83 सड़क मार्ग का उपयोग किया जाता था, लेकिन ये सड़क उतनी चौडाई नहीं थी। अब फोरलेन की सड़क बनने से आस-पास के गावों में भी विकास की गति तेज होगी।
जाम के झाम से मिलेगी राहत
पटना-गया फोरलेन सड़क मार्ग बनने के बाद से लोगों को जाम से राहत मिलेगी। सड़क चौड़ी होने से गाड़ियों का निकलना आसान हो गया है। बता दें कि एनएच 83 सड़क मार्ग शहर से होकर गुजरती है, वहीं एनएच 22 सड़क शहर के बाहर से होकर गुजरती है। धनरुआ के दमड़ीचक, नसीरनाचक, चंदा और मसौढ़ी के चकियापर, नौआबाग, राजाबीगहा जैसे कई गांव इस सड़क से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ गए हैं। फोरलेन सड़क के निर्माण से अब इन गांवों का विकास भी तेज हो सकता है। इस बीच लोगों को ऑफिस जाने में, छात्रों को स्कूल जाने में आसानी हो रही है।
घटेगा यात्रा का समय
फोरलेन सड़क के निर्माण से न केवल जाम से राहत मिलेगी बल्कि यात्रा के समय में भी कमी आएगी। जानकारी के अनुसार, मसौढ़ी से पुनपुन की दूरी तय करने में जहां पहले अधिक समय लगता था, अब उसे पूरा करने में मात्र 20 मिनट का समय लगेगा। इसके साथ ही बता दें कि फोरलेन की इस सड़क पर पंप और कई लाइन होटल भी खोले गए हैं। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा। अचानक पेट्रोल की कमी होने पर लोगों को पेट्रोल के लिए दूर जाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
एक तरफ फायदा तो एक तरफ लोगों का नुकसान
पटना-गया एनएच 22 का निर्माण होने से जहां कई लोगों को लाभ हुआ है, वहीं कई लोगों को इसका नुकसान भी झेलना पड़ा है। इससे मसौढ़ी बाजार की व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ा है। दमडीचक पुल के पास मिठाई, नाश्ता और चाय की दुकान चलाने वाले लोगों का कहना है कि फोरलेन सड़क के निर्माण के बाद से उनकी बिक्री प्रभावित हुई है। लोगों का कहना है कि पहले पटना और गया जाने वाले लोग एनएच 83 का उपयोग करते थे। उस दौरान उनकी दुकान चलती थी। लेकिन अब पटना-गया फोरलेन सड़क मार्ग के शुरू होने रोज की बिक्री 30 प्रतिशत कम हो गई है।
