Vikramshila Express Sleeper Clone : बिहारवासियों के लिए रेलवे ने कई एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ वंदे भारत एक्सप्रेस चला रखी हैं। लेकिन, इतनी गाड़ियां होने के बावजूद ट्रेनों में लंबी वेटिंग खत्म नहीं हो रही है। लिहाजा, यात्रियों की सुविधा के लिए भागलपुर से दिल्ली के बीच विक्रमशिला एक्सप्रेस की ही तरह एक स्लीपर क्लोन एक्सप्रेस यानी (डुप्लीकेट विक्रमशिला एक्सप्रेस) चलाने का फैसला लिया है। इस ट्रेन में सामान्य डिब्बों की संख्या में इजाफा किया जाएगी ताकि श्रमिक वर्ग के लोगों को यात्रा करने में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
डुप्लीकेट विक्रमशिला एक्सप्रेस के संचालन का प्लान
आने वाले दिनों की मुश्किलों को देखते हुए रेलवे ने रिपोर्ट तैयार कर ली है। जो मालदा रेल प्रबंधक को भेजी जाएगी। जानकारी के मुताबिक, रिपोर्ट पूर्व रेलवे के कोलकाता स्थित मुख्यालय और वहां से रेलवे बोर्ड भेजी जाएगी। वैसे भागलपुर से आनंद विहार के लिए चलने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस, यशवंतपुर जाने वाली अंग एक्सप्रेस सहित लंबी दूरी की कुछ ट्रेनों में अक्सर होली, दशहरा, छठ, गर्मी की छुट्टियों के समय काफी लंबी वेटिंग हो जाती है। ऐसी स्थिति में यात्रियों को कंफर्म सीट नहीं मिल पाती है। लिहाजा, बड़ी संख्या में यात्री वेटिंग टिकट लेकर स्लीपर कोच या फिर एसी कोच में यात्रा करते हैं। ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए डुप्लीकेट विक्रमशिला एक्सप्रेस का संचालन करने का प्लान बनाया गया है।
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जानिए कब चलती है स्लीपर क्लोन ट्रेन
अधिकारियों के मुताबिक, यह ट्रेन नियमित नहीं चलाई जाएगी। यदि वेटिंग 100 से 150 या 200 से 250 तक है तो उस दौरान क्लोन ट्रेन नहीं चलेगी। इधर, होली के बाद मालदा मंडल के एडीआरएम शिव कुमार प्रसाद ने ट्रेनों में होने वाली भीड़ का जायजा लिया। उन्होंने विक्रमशिला एक्सप्रेस के सामान्य कोच से दिल्ली की यात्रा करने वाले यात्रियों से यात्रा के दोरान पेश आने वाली दिक्कतों के बारे में जानकारी ली। पूछे जाने पर यात्रियों ने ट्रेन में एक कोच कम किए जाने से होने वाली परेशानी जाहिर की। इसी दौरान एडीआरएम को यात्रियों से विक्रमशिला एक्सप्रेस की ही तरह क्लोन एक्सप्रेस संचालित करने का फीडबैक मिला है। इसके बाद अधिकारी ने ट्रेन में स्लीपर और सामान्य कोच दोनों तरह के डिब्बे लगाने की बात कही है। एडीआरएम ने यात्रियों से मिले फीडबैक को लेकर स्थानीय रेल अधिकारियों के साथ भी बैठक की। रेलवे बोर्ड के नियमों के अनुसार, अगर किसी एक्सप्रेस ट्रेन में वेटिंग 450 तक यानी नो रूम हो जाए तो उसी ट्रेन के नाम से क्लोन एक्सप्रेस यानी डुप्लीकेट ट्रेन चलाने का प्रावधान है।
