पटना

पेशाब पिलाया, नग्न करके पीटा... बिहार में 1500 रुपये के पीछे दलित महिला के साथ हैवानियत की हदें पार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 25, 2023, 08:50 AM IST

Crime News: महिला ने आरोप लगाया कि जब मैं प्रमोद सिंह के घर पहुंची तो उसे लाठी-डंडों से पीटा गया। प्रमोद सिंह के बेटे अंशु ने उसके मुंह पर पेशाब की और पिलाई भी। इतना ही नहीं उसे नग्न करके भी पीटा गया। पुलिस ने घटना के बाद प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

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बिहार में इंसानियत शर्मसार

Photo : BCCL

Crime News: बिहार की राजधानी पटना से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे पढ़कर आपको रौंगटे खड़े हो जाएंगे। यहां एक 30 वर्षीय महादलित महिला के साथ हैवानियत की सभी हदें पार कर दी गईं। उसे न केवल बेरहमी से पीटा किया, बल्कि निर्वस्त्र भी किया गया। इतना ही नहीं आरोपियों ने महिला को पेशाब भी पिलाया। इंसानियत को शर्मसार करने वाली यह घटना महज 1500 रुपये के चक्कर में हुई। फिलहाल महिला अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है।

सामने आई जानकारी के मुताबिक, घटना पटना के मोसिपुर गांव की है। इस घटना के बाद पीड़ित और उसके घरवाले काफी डरे हुए हैं। उधर, पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि महिला ने हमलावरों की पहचान प्रमोद सिंह, उनके बेटे अंशू कुमार और चार अन्य के रूप में की है। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।

महिला ने उधार लिए थे 1500 रुपये

जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला ने कुछ समय पहले गांव के दबंग व्यक्ति प्रमोद सिंह से 1500 रुपये उधार लिए थे। परिवार के अनुसार, उन्होंने ब्याज सहित पूरे रुपये प्रमोद सिंह को लौटा दिए थे, लेकिन आरोपी बार-बार उन्हें अतिरिक्त ब्याज चुकाने के लिए मजबूर कर रहा था। पीड़ित परिवार का कहना ळ कि प्रमोद सिंह बार-बार उनके घर पर तगादे के लिए आता था या फिर अपना आदमी भेजता था, जिससे वे परेशान हो चुके थे।

पीड़ित को बनाया बंधक

महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि शनिवार की सुबह प्रमोद सिंह आया और उसने महिला के साथ मारपीट की और उसे नग्न कर गांव में घुमाने की धमकी देकर चला गया। आरोप है कि इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसी दिन रात करीब 10 बजे प्रमोद सिंह का बेटा अंशु व चार अन्य लोग उसके घर आए और उसे साथ चलने के लिए कहा। उन लोगों ने बताया कि मेरे पति को बंधक बना लिया है, साथ नहीं चली तो उसे मार देंगे। पीड़ित महिला ने कहा यह सुनकर मैं डर गई और उन लोगों के साथ चली गई।

महिला के साथ हैवानियत की हदें पार

महिला ने आरोप लगाया कि जब मैं प्रमोद सिंह के घर पहुंची तो उसे लाठी-डंडों से पीटा गया। इतना ही नहीं प्रमोद सिंह के बेटे अंशु ने उसके मुंह पर पेशाब की और पिलाई भी। इतना ही नहीं उसे नग्न करके भी पीटा गया। महिला का कहना है कि किसी तरह वह जान बचाकर अपने घर पहुंची और पुलिस को सूचना दी।

घटना के बाद आरोपी फरार

पटना के एसएसपी राजीव कुमार मिश्रा ने कहा कि महिला की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों की तालश की जा रही है। उन्होंने बताया, आरोपी के घर पर ताला लगा हुआ है और सभी फरार हैं उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया, दलितों की बस्ती और पीड़ित महिला के घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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