Patna AC Lounge: बिहार की राजधानी पटना में गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए एक नई और अनोखी पहल की शुरुआत की गई है। शहर के गांधी मैदान और आयकर गोलंबर के पास अत्याधुनिक एयर कंडीशंड (एसी) लाउंज स्थापित किए गए हैं, जहां डिलीवरी कर्मी मात्र दो रुपये के शुल्क पर आराम कर सकेंगे, मोबाइल चार्ज कर सकेंगे और शुद्ध पेयजल जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। जी हां आपने सही पढ़ा। इस पहल का उद्देश्य तेज गर्मी, बारिश और अन्य प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों में काम करने वाले गिग वर्कर्स को राहत प्रदान करना है।
मंत्री नीतीश मिश्रा ने किया एसी लाउंज का निरीक्षण
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने इन दोनों एसी लाउंज का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद डिलीवरी पार्टनर्स से बातचीत कर उनकी समस्याओं और सुझावों को जाना। उन्होंने कहा कि बदलती अर्थव्यवस्था में गिग वर्कर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और उनके लिए बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
हर यूनिट की लागत लगभग 16 लाख रुपये
पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा विकसित इन लाउंजों के निर्माण पर हर यूनिट की लागत लगभग 16 लाख रुपये आई है। इनका उद्घाटन 19 जून को किया गया था। लाउंज के अंदर आरामदायक बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और मौसम से सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि लंबे समय तक सड़क पर काम करने वाले डिलीवरी कर्मी कुछ समय के लिए आराम कर सकें।
हजारों गिग वर्कर्स को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद
अधिकारियों का कहना है कि अगर इस परियोजना को अच्छी प्रतिक्रिया मिलती है तो भविष्य में पटना के अन्य प्रमुख इलाकों में भी ऐसे एसी लाउंज स्थापित किए जा सकते हैं। इससे शहर के हजारों गिग वर्कर्स को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेष बात यह है कि इस पहल के साथ पटना उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो गया है जहां गिग वर्कर्स के लिए विशेष रूप से एसी लाउंज की सुविधा विकसित की गई है। बताया जा रहा है कि इस तरह की व्यवस्था उपलब्ध कराने वाला पटना देश का तीसरा शहर बन गया है।
गिग वर्कर्स की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी
हाल के सालों में ई-कॉमर्स, फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेवाओं के विस्तार के साथ गिग वर्कर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। ऐसे में उनके लिए सुरक्षित और आरामदायक विश्राम स्थलों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। पटना की यह पहल न केवल डिलीवरी पार्टनर्स के कार्य अनुभव को बेहतर बनाएगी, बल्कि अन्य शहरों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में देश के अन्य शहरी क्षेत्रों में भी इसी तरह की सुविधाएं विकसित किए जाने की संभावना बढ़ सकती है।
