Hapur News: जहां एक ओर पूरे देश में आने वाले गणतंत्र दिवस को लेकर जोश और उत्साह की लहर है, तो वहीं, हापुड़ में हृदयविदारक घटना घटी जिसने सभी की आंखें नम कर दीं। सामने आया दृश्य ऐसा था जिसने हर दिल को झकझोर दिया। जम्मू-कश्मीर के डोडा में दो दिन पहले हुए हादसे में शहीद हुए जवान रिनखिल बलियान को शनिवार हापुड़ में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। लेकिन इस विदाई का सबसे दुखद पल था, जब उनके सिर्फ एक साल के बेटे ने अपने नन्हे हाथों से पिता की चिता को आग दी। अपने पिता की मौत से अंजान मासूम रोता-चिल्लाता रहा और इसी दौरान परिजनों ने उसे गोद में लेकर अग्नि देने का अनुष्ठान किया। इस घटना का वीडियो देखने के बाद आप भी अपने आंसू रोक नहीं पाएंगे।
जिलाधिकारी के छलक पड़े आंसू
बच्चे की मासूमियत और उसकी नम आंखों में छुपा दर्द वहां मौजूद हर शख्स के दिल को भीतर तक झकझोर गया। श्मशान घाट में पसरी खामोशी को कभी-कभार उठती सिसकियों की आवाज तोड़ रही थी। कोई भी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पा रहा था और यह दृश्य ऐसा था जिसने कठोर से कठोर हृदय को भी झकझोर रहा था। इस भावुक क्षण में हापुड़ के जिलाधिकारी अभिषेक पांडे भी खुद को संभाल नहीं पाए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
बच्चे के सिर से उठा पिता का साया
शहीद रिनखिल बलियान ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने देश के लिए हंसते-हंसते जीवन न्योछावर कर दिया, लेकिन अपने पीछे एक ऐसा परिवार छोड़ गए, जिसके लिए यह क्षति कभी पूरी नहीं हो सकती। एक पत्नी का सहारा छिन गया, माता-पिता ने अपना बेटा खो दिया और एक मासूम बच्चे के सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया। आज पूरा देश उस नन्हे बच्चे को नमन कर रहा है, जिसने इतनी कम उम्र में अपने पिता को अंतिम विदाई दी। शहीद रिंखिल बालियान का बलिदान सिर्फ उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है, जिससे उभर पाना बेहद मुश्किल होगा।
(रिपोर्ट - आकाश शर्मा)
