Mark Hospital Oxygen Pipeline Blast: नोएडा के सेक्टर-66 स्थित मार्क हॉस्पिटल में लगातार दूसरे दिन ऑक्सीजन पाइपलाइन फटने की घटना से अफरा-तफरी मच गई। हादसे के समय अस्पताल में कई गंभीर मरीज भर्ती थे, जिनकी जान पर खतरा मंडराने लगा। बताया जा रहा है कि शनिवार को भी इसी पाइपलाइन में विस्फोट हुआ था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उस समय स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया।
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल कई मानकों का पालन नहीं कर रहा है और इसके कई उपकरणों की कार्यक्षमता पर भी सवाल उठ रहे हैं। रविवार को हुए पहले ब्लास्ट की जानकारी अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी थी। जब मीडिया के माध्यम से विभाग को घटना का पता चला, तब एक जांच टीम का गठन किया गया था। हालांकि, 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस बीच, सोमवार शाम को दोबारा ऑक्सीजन पाइपलाइन फटने की घटना ने मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैला दी। घटना की सूचना मिलते ही सीएमओ, फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल में दोबारा ब्लास्ट की सूचना मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि मार्क हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है और परिसर को सील करने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही, फायर ऑडिट और स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा, जिसके बाद आगे की कार्यवाही तय की जाएगी। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और मरीजों व उनके परिजनों में दहशत का माहौल बन गया।
सुरक्षा के मद्देनजर सभी मरीजों को पास के अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है। वहीं, इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अस्पताल के डायरेक्टर अनुज त्रिपाठी ने कहा कि जहां कल शॉर्ट सर्किट हुआ था, वहीं आज भी वही समस्या दोबारा हुई। उन्होंने बताया कि सभी मरीजों को सुरक्षित रूप से अन्य अस्पतालों में भेज दिया गया है। अनुज त्रिपाठी के अनुसार, सीएमओ ने जांच जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस मरीज की कल मृत्यु हुई थी, उसकी हालत पहले से ही गंभीर थी और उसका निधन घटना से पहले ही हो गया था।