Nikki Bhati Death Case: हाल के दिनों में नोएडा की बेटी ट्विशा (Twisha Sharma) की भोपाल में मौत का मामला काफी सुर्खियों में है। इसी बीच ग्रेटर नोएडा के चर्चित निक्की भाटी हत्याकांड मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है। करीब नौ महीने से चल रहे विवाद के बाद दोनों परिवारों के बीच पंचायत की मौजूदगी में समझौता (Nikki Bhati Case Settlement) हो गया है। कई दौर की बातचीत और पंचायत की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्ष बच्चों के भविष्य और परिवार के हितों को ध्यान में रखते हुए सहमति पर जा पहुंचे हैं। जानकारी के मुताबिक, समझौते के तहत निक्की भाटी की बहन कंचन भाटी अपने ससुराल वापस जाएंगी। इसके अलावा निक्की के बच्चों के नाम संपत्ति हस्तांतरित करने पर भी दोनों परिवारों के बीच सहमति बनी है। परिवार के लोगों का कहना है कि बच्चों के अधिकार सुरक्षित रखने और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है।
ग्रेटर नोएडा में निक्की भाटी की हुई थी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
सूत्रों के मुताबिक, समझौते के बाद निक्की का परिवार अदालत में शपथ पत्र यानी एफिडेविट या हलफनामा दाखिल कर मामले को वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर सकता है। पंचायत में समाज के कई बुजुर्ग और सम्मानित लोग मौजूद रहे। लंबी चर्चा और आपसी बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने विवाद खत्म करने का फैसला लिया। यह मामला पिछले साल 21 अगस्त 2025 को सामने आया था। ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में निक्की भाटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामले ने पूरे इलाके में काफी चर्चा बटोरी थी और सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा लंबे समय तक सुर्खियों में रहा।
विपिन भाटी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद किया था गिरफ्तार
शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। जांच के दौरान निक्की के पति विपिन भाटी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। इसके अलावा सास, ससुर और जेठ को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस लगातार मामले की जांच कर रही थी और अदालत में भी सुनवाई चल रही थी। अब पंचायत के जरिए हुए समझौते के बाद मामला शांत होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की स्थिति साफ हो पाएगी।
दोनों परिवारों का कहना है कि अब वे पुराने विवाद को खत्म कर बच्चों के भविष्य पर ध्यान देना चाहते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि पंचायत के इस फैसले से दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव कम हो सकता है। वहीं, इस पूरे मामले ने एक बार फिर समाज में पारिवारिक विवादों और पंचायत की भूमिका को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
