Mumbai: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सोमवार को एक तीखी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी और निर्वाचन आयोग (ECI) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग अब सुप्रीम कोर्ट से भी ऊपर हो गया है?
भ्रष्टाचार और चुनाव में गड़बड़ी को लेकर उठाए सवाल
उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ जन आंदोलन हुआ, जिसमें जनता और शिवसेना कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार सबूत दिए जाने के बावजूद राज्यपाल ने कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं, दिल्ली में जब INDIA गठबंधन के सांसद चुनाव आयोग से मिलने पहुंचे, तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
उद्धव ने आगे कहा, हमारा आंदोलन चुनाव आयोग के खिलाफ था, लेकिन भाजपा और सरकार बीच में क्यों आ रही हैं? इसका मतलब है कि वे चोरी को छिपा रहे हैं।
वोट चोरी और मतदाता सूची पर उठाए सवाल
उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि वोट चोरी हुई है और चुनाव आयोग इस पर जवाब देने से कतरा रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों को न केवल गंभीरता से लिया जाना चाहिए बल्कि निष्पक्ष जांच भी होनी चाहिए। आगे उन्होंने कहा कि ईसीआई कहता है कि वोटर लिस्ट से जो नाम हटाए गए, उसके बारे में जानकारी देने के लिए बाध्य नहीं हैं। क्या चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट से ऊपर है?
उद्धव ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों के परिणामों में बड़े अंतर को लेकर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच केवल 5-6 महीने का अंतर था, लेकिन इस दौरान 45 लाख नए वोटर कैसे जुड़ गए? ये कौन लोग हैं? उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर एक ही पते पर 30 से 200 वोटर दर्ज पाए गए हैं, जो बड़ी अनियमितता की ओर इशारा करते हैं।
कार्यकर्ताओं को सौंपी नई जिम्मेदारी
उद्धव ठाकरे ने MVA और शिवसेना कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे मतदाता सूची की जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी पते पर फर्जी नाम ना जुड़े हों। ठाकरे ने कहा कि कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाता सूची चेक करें। लोगों को जागरूक करें। यह लोकतंत्र की रक्षा का समय है।
शरद पवार के बयान पर प्रतिक्रिया
NCP (SP) प्रमुख शरद पवार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि चुनावों के समय मिलने-जुलने वालों की बातों को उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया था, लेकिन अब वे उनसे मिलकर स्थिति को समझने की कोशिश करेंगे।
