Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की पॉलिटिक्स में प्रेशर के बीच पावर के लिए फिलहाल महाभारत जारी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा/एनसपी) के अध्यक्ष शरद पवार और भतीजे अजीत पवार में "गुप्त" बैठक को लेकर सूबे के विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (एमवीए) में तनाव के बीच उन्होंने ने उन दावों को सिरे से खारिज किया है कि उन्हें 26 दलों के विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A को छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ गठबंधन करने के बदले में केंद्रीय मंत्री पद की पेशकश की गई।
कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर पवार ने बताया, "मुझे नहीं पता कि पूर्व सीएम ने क्या कहा। ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई। मैं उस बैठक से इन्कार नहीं कर रहा हूं, पर परिवार के मुखिया के रूप में मैं सभी सदस्यों से बात करता हूं। ये सिर्फ अफवाहें हैं लेकिन इनमें से किसी भी बात में कोई वास्तविकता नहीं है। मैं पार्टी का सबसे वरिष्ठ व्यक्ति हूं, मुझे कौन प्रस्ताव देगा?''
चाचा-भतीजे की सीक्रेट मीटिंग पर बोलीं सुले?
इस बीच, बारामती से लोकसभा सदस्य, राकांपा नेत्री और पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि पिछले हफ्ते पुणे के उद्योगपति अतुल चोरडिया के घर पर शरद और अजित के बीच क्या बातचीत थी। वह बैठक में मौजूद नहीं थीं और उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि वहां क्या हुआ था। बकौल सुले, ‘‘दादा (अजित) के जन्म से पहले भी पवार और चोरडिया परिवारों के बीच अच्छा संबंध था क्योंकि (अतुल) चोरडिया के पिता और पवार साहब कॉलेज में एक साथ थे। इसलिए, अगर दोनों परिवार मिलते हैं तो इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है।’’BJP के 'ऑफर' पर क्या आई टिप्पणी?
भाजपा से ‘प्रस्ताव’ मिलने के दावे से जुड़ी खबरों के बारे में पूछे जाने पर सुले ने कहा कि उन्हें किसी से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। आगे अजित के रुख के बारे में सुले ने कहा कि मतभेद होते रहते हैं। इसे स्वस्थ लोकतंत्र के संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए। शरद की बहन सरोज पाटिल दिवंगत कॉमरेड डॉ. एन डी पाटिल की पत्नी हैं, लेकिन (शरद) पवार और पाटिल कई मौकों पर एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हुए। उन्होंने कहा, ‘‘इसका मतलब यह नहीं कि बुआ का हमारे प्रति प्यार कम हो गया है। हमारे परिवार में, निजी संबंध एक तरफ हैं और राजनीतिक विचार दूसरी तरफ है।’’
