Maharashtra Weather: महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। राजधानी मुंबई समेत प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मराठवाड़ा के बाद अब नासिक जिले में भी अतिवृष्टि का तांडव देखने को मिला है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 5 लोगों की मौत हुई है और 8 लोग घायल हुए हैं। वहीं 72 पशुओं की भी मौत दर्ज की गई है। अब तक बरसात की बाढ़ और बारिश में फंसे 17 हजार से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया गया है।
भारी बारिश के कारण नदियां उफान
नासिक में भारी बारिश के कारण गोदावरी और दारणा नदी उफान पर हैं। गोदाघाट स्थित दुतोंड्या मारुति मंदिर तक पानी पहुंच गया है और राम सेतु पुल पहली बार पानी के नीचे चला गया है। पिछले 24 घंटों में छत्रपति संभाजीनगर में 110.3 मिमी, मुंबई शहर में 120.8 मिमी, मुंबई उपनगर में 83.3 मिमी, नासिक में 76.6 मिमी और अहमदनगर में 81.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
मराठवाड़ा में तीन लोगों की मौत
जानकारी के अनुसार, मराठवाड़ा में रविवार को 3 लोगों की मौत हुई, 32 पशुओं की जान गई और 147 घर ढह गए। इसके अलावा करीब 20 लाख हेक्टेयर पर खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं। सोलापुर में सीना नदी ने चेतावनी स्तर छू लिया है, जबकि टाकली में भीमा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नांदेड़ जिले में गोदावरी नदी में अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।
NDRF-SDRF की टीमें तैनात
स्थिति को देखते हुए राज्यभर में NDRF की 18 और SDRF की 6 टीमें तैनात की गई हैं।सेना अलग से तैयार है। सिर्फ मुंबई के लिए ही 2 टीमें काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी मशीनरी सही तरीके से काम कर रही है या नहीं, इसकी निगरानी करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों और प्रभावितों के लिए तुरंत और सरसकट पंचनामे किए जाएं तथा नियम-कायदों का हवाला देकर लोगों को किसी तरह की दिक्कत न हो।
पालघर में आज स्कूल-कॉलेज बंद
पालघर जिले में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सोमवार को भी रेड अलर्ट जारी होने के बाद जिलाधिकारी इंदू रानी जाखड़ ने जिले की सभी जिला परिषद स्कूलों, निजी स्कूलों, सरकारी आश्रम शालाओं और महाविद्यालयों में छुट्टी घोषित की है। हालांकि शिक्षकों और प्रशासनिक कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी पर हाजिर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
