सांकेतिक फोटो (istock)
Maharashtra Cough Syrups Ban: देश में खांसी रोकने वाली कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामलों के बाद कार्रवाई तेज हो गई है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने मंगलवार को दो और कफ सिरप पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन दोनों सिरपों को गुजरात स्थित फार्मा कंपनियां बना रही थीं। FDA के मुताबिक, मध्य प्रदेश से जांच के लिए भेजे गए सैंपल में डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की मात्रा अधिक पाई गई है। यह कैमिकल काफी खतरनाक है जो बच्चों के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है। जांच में यह भी सामने आया कि इन सिरपों की गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी, इसलिए इन्हें मिलावटी और असुरक्षित घोषित किया गया।
कप सिरप रेस्पिफ्रेश टीआर का उत्पादन मैसर्स रेडनेक्स फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाता था। रिलीफ सिरप को शेप फार्मा प्राइवेट लिमिटेड बना रही थी। महाराष्ट्र एफडीए ने इस संदर्भ में एक निर्देश जारी किया है। इसके तहत राज्य के सभी दवा विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे डॉक्टर की वैध पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) के बिना बच्चों के लिए कोई भी कफ सिरप या दवा न बेचें।
FDA के संयुक्त आयुक्त डॉ. आर. गहाणे ने बताया कि “ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स नियम, 1945 के तहत अनुसूची एच, एच-1 और एक्स की सभी दवाएं केवल डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही दी जा सकती हैं। खुदरा विक्रेताओं को ग्राहकों को यह समझाना चाहिए कि बच्चों को दी जाने वाली दवाएं बिना डॉक्टर परामर्श के नुकसानदायक हो सकती हैं।” FDA की इस कार्रवाई के बाद राज्यभर में दवा दुकानों पर सख्त निगरानी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।