मुंबई

​​Maharashtra News: गुटखा के अवैध खेल पर लगेगा ब्रेक, मकोका लगाने की तैयारी में महाराष्ट्र सरकार

महाराष्ट्र के एफडीए मंत्री नरहरि जिरवाल ने बताया कि राज्य सरकार गुटखा प्रतिबंध को और सख्त बनाने के लिए मकोका लगाने पर विचार कर रही है। राज्य में गुटखा पहले से ही बैन होने के बावजूद इसकी अवैध सप्लाई लगातार जारी है।

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सांकेतिक फोटो (istock)

Maharashtra News: महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) मंत्री नरहरि जिरवाल ने कहा है कि राज्य सरकार गुटखा की उपलब्धता को सीमित करने के लिए महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लागू करने पर विचार कर रही है। राज्य में गुटखा पहले से ही प्रतिबंधित है। एफडीए मंत्री ने मंगलवार को कहा कि गुटखा के निर्माण और बिक्री पर मौजूदा प्रतिबंध के बावजूद तंबाकू युक्त उत्पाद की अवैध खेप बाहर से राज्य में आ रही है, जिससे छात्रों और युवाओं को नुकसान हो रहा है।

महाराष्ट्र में गुटखा एवं पान मसाला बिक्री के मामले

मंत्री के कार्यालय से जारी एक बयान में जिरवाल के हवाले से कहा गया है कि राज्य सरकार गुटखा कंपनियों के मालिकों, प्रमुख संचालकों और इस अवैध व्यापार के पीछे के सूत्रधारों के खिलाफ मकोका का इस्तेमाल करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में गुटखा एवं पान मसाला के परिवहन और बिक्री की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

गुटखा प्रतिबंध अधिक सख्ती से होगा लागू

मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, विधि एवं न्याय विभाग को एक प्रस्ताव भेजा जाएगा जिसमें मार्गदर्शन मांगा जाएगा कि क्या अवैध गुटखा व्यापार के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मकोका के तहत अपराध दर्ज किया जा सकता है? जिरवाल ने मंत्रालय में आयोजित एक बैठक में कहा कि राज्य सरकार गुटखा प्रतिबंध को और अधिक सख्ती से लागू करेगी और अधिकारियों को विभिन्न विभागों के माध्यम से जिला स्तर पर कैंसर पैदा करने वाले इस उत्पाद के खिलाफ जागरूकता अभियान संचालित करने का निर्देश दिया गया है।

(इनपुट - भाषा)

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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