Odisha News: ओडिशा के मयूरभंज जिले में बकरी चोरी के शक में ग्रामीणों द्वारा दो किशोरों की पिटाई करने का मामला सामने आया है, जिसमें एक लड़के की मौत हो गई जबकि दूसरा घायल हो गया। पुलिस ने मंगलवार को इस घटना की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह घटना सोमवार दोपहर तिरिंग थाना क्षेत्र के इंडोखोली हेरोगोडा गांव में हुई। मृतक की पहचान भुटाकाबाड़ी गांव निवासी राजकुमार बिंधानी के 14 वर्षीय इकलौते पुत्र संबित बिंधानी के रूप में हुई है।
बताया गया है कि ग्रामीणों ने संबित और उसके तीन साथियों को बकरी चोरी के संदेह में पकड़ लिया था। हालांकि, उनमें से दो लड़के मौके से भागने में सफल रहे। इसके बाद भीड़ ने संबित और उसके एक अन्य साथी की बेरहमी से पिटाई कर दी। रायरंगपुर के एसडीपीओ बीरेंद्र कुमार सेनापति के मुताबिक, सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दोनों घायलों को पहले झारडीही अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उन्हें रायरंगपुर अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने संबित को मृत घोषित कर दिया।
12 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
प्रभारी निरीक्षक प्रशांत जेना ने बताया कि पीड़ित परिवार की ओर से तिरिंग थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। इससे पहले भी जिले के दो अलग-अलग स्थानों पर ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। एक मामले में मानसिक रूप से अस्वस्थ एक व्यक्ति की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी, जबकि दूसरे मामले में बच्चा चोरी के संदेह में भीड़ ने दो लोगों को बुरी तरह से पीटा था।
होली से पहले ओडिशा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाईबी खुरानिया ने राज्य के सभी पुलिस अधीक्षकों (एसपी) और पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी) को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। खासकर संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त चौकसी बरतने और होली के दौरान महिलाओं तथा बुजुर्गों के साथ किसी भी तरह की बदसलूकी न होने देने पर विशेष जोर दिया गया है। डीजीपी ने बताया कि आने वाले दिनों में कई प्रमुख पर्व मनाए जाएंगे जैसे, मंगलवार को डोल पूर्णिमा, बुधवार को होली, 21 मार्च को ईद-उल-फितर, 27 मार्च को राम नवमी और 14 अप्रैल को हनुमान जयंती तथा महा विषुव संक्रांति। इन अवसरों को देखते हुए उन्होंने व्यापक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई।
खुरानिया ने कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है और सभी त्योहार शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न होने चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट पर नजर रखने के निर्देश दिए। इसके लिए सभी जिलों के साइबर सेल को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी करने को कहा गया है। इसके अलावा, संवेदनशील क्षेत्रों में चौबीसों घंटे गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला पुलिस प्रमुखों को शराब पीकर वाहन चलाने, यातायात नियमों की अनदेखी करने और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम का उपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है। शहरी संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी सलाह दी गई है।
(इनपुट - भाषा)
