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कैसी RGHS योजना? विधायक को ही नहीं मिली दवा, MLA ऋतु बनावत ने खड़े किए सवाल

विधायक ऋतु बनावत का कहना है कि वे ए-कैटेगरी में आती हैं और आरजीएचएस के तहत कैशलेस इलाज व दवा की हकदार हैं। इसके बावजूद सुविधा नहीं मिलना गंभीर लापरवाही है।

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विधायक ऋतु बनावत

जयपुर : राजस्थान में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई Rajasthan Government Health Scheme (RGHS) एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। ताज़ा मामला विधायक ऋतु बनावत से जुड़ा है, जहां उन्हें और उनके बेटे को कैशलेस दवा देने से Dr. Virendra Eye Hospital जयपुर के मेडिकल स्टोर ने इनकार कर दिया।

विधायक ऋतु बनावत ने Times Now से बातचीत में कहा कि आरजीएचएस के तहत पात्र होने के बावजूद विधायक ऋतु बनावत के बेटे आदित्य को निःशुल्क दवा नहीं मिल सकी, जिसके चलते उन्हें मजबूरी में नकद भुगतान कर दवाइयां खरीदनी पड़ीं। इस घटना ने न सिर्फ योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं की वास्तविक स्थिति भी उजागर कर दी है।

विधायक ऋतु बनावत का कहना है कि वे ए-कैटेगरी में आती हैं और आरजीएचएस के तहत कैशलेस इलाज व दवा की हकदार हैं। इसके बावजूद सुविधा नहीं मिलना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले की तत्काल जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी लाभार्थी को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को इस मामले में पत्र लिखकर भी अवगत कराएगी।

वहीं गुरुवार को राजस्थान कांग्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता करते हुए पूर्व चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कहा था कि जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में रूटीन जांच के लिए २३ मार्च को SMS हॉस्पिटल पहुंचे और वहां RGHS के तहत MRI कराने गए तो उनको वापस धनंवतरी ब्लॉक जाने के लिए कहा गया। इस अव्यवस्था से नाराज रघु शर्मा ने पैसे देकर बाहर MRI करवाई। कैशलेस सुविधा नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए व्यवस्था की खामियों को गुरुवार को प्रेसवार्ता में उजागर किया। तो वहीं शुक्रवार को निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत द्वारा किया गया खुलासा भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

गौरतलब है कि आरजीएचएस योजना राजस्थान सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और जनप्रतिनिधियों को कैशलेस और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत प्रदेशभर में चिन्हित अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स के जरिए इलाज और दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

हालांकि, जमीनी स्तर पर इस तरह की घटनाएं योजना की पारदर्शिता और प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रही हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और क्या आरजीएचएस के लाभार्थियों को वास्तव में बिना बाधा के सुविधाएं मिल पाती हैं या नहीं।

Lakhveer Singh Shekhawat
लखवीर सिंह शेखावतauthor

पत्रकारिता में पिछले सात साल से सक्रिय हैं, वर्तमान में Times Now नवभारत में राजस्थान ब्यूरो हेड हैं। इससे पहले, ज़ी मीडिया और न्यूज़18 नेटवर्क के राजस्थान चैनल के लिए दिल्ली ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य किया है। उन्होंने जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से बीजेएमसी की डिग्री प्राप्त की और राजस्थान यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी में डिग्री हासिल की है। राजस्थान से संबंधित समाचारों और ख़बरों पर विशेष पकड़ रखते हैं। साथ ही देश की प्रमुख राजनीतिक घटनाओं को कवर करने में भी विशेषज्ञता हासिल है।

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