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आसनसोल में पुलिस चौकी पर हमले के बाद बड़ा एक्शन, 15 गिरफ्तार; नुकसान की भरपाई भी करेंगे आरोपी

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में पुलिस चौकी पर हुए हमले के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में अब तक 15 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।

Asansol News: पश्चिम बंगाल में आसनसोल नॉर्थ थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस चौकी पर बीती रात हुए हमले के मामले में अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों पर केवल मुकदमा चलाकर कार्रवाई ही नहीं होगी, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई भी उनसे कराई जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों को किसीभी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस अभियान के दौरान भड़की हिंसा

बता दें कि पश्चिम बंगाल के आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र के रेलपार इलाके में शुक्रवार रात उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब लाउडस्पीकर की आवाज नियंत्रित करने को लेकर चलाए जा रहे पुलिस अभियान के दौरान हिंसा भड़क उठी। प्रशासन की ओर से इलाके में लोगों को निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा था, लेकिन शाम होते-होते माहौल बिगड़ गया और बड़ी संख्या में लोग कसाई मोहल्ला पुलिस चौकी के बाहर जमा होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।

आंसू गैस के गोले छोड़े गए

स्थिति धीरे-धीरे और बिगड़ गई और भीड़ ने पुलिस चौकी पर पथराव शुरू कर दिया। उपद्रवियों ने वहां खड़ी पुलिस की गाड़ियों और कई मोटरसाइकिलों को नुकसान पहुंचाया। इस घटना में कुछ पुलिसकर्मी घायल भी बताए जा रहे हैं। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। ऐसे में इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई तथा अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई।

"नियम सबको मानना पड़ेगा"

इस पूरी घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बयान देते हुए कहा कि, "नियम सबको मानना पड़ेगा। भारतीय न्याय संहिता के नियम सभी धर्मों के लोगों पर लागू हैं। वहीं, सीएम शुभेंदु अधिकारी ने इससे पहले कहा था कि, "कहीं भी लाउडस्पीकर अनुमति से तेज आवाज पर नहीं बजेगा चाहे वो मस्जिद हो, मंदिर हो या गुरुद्वारा..."

Pooja Mehta
पूजा मेहताauthor

पूजा मेहता एक वरिष्ठ टेलीविज़न पत्रकार हैं, जिन्हें रिपोर्टिंग का लगभग 15 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने राजनीति, आतंकवाद, आंतरिक संघर्ष, रक्षा, पर्यावरण और अपराध पर व्यापक रिपोर्टिंग की है, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों पर गहरा फोकस रखते हुए। संघर्षग्रस्त इलाकों से उनकी ज़मीनी रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों की गहन समझ उन्हें पैनी दृष्टि और विश्वसनीय विश्लेषण के लिए अलग पहचान दिलाती है। वह प्रमाणित Defence Correspondent हैं और अमेरिकी विदेश विभाग के प्रतिष्ठित International Visitor Leadership Program (IVLP) की एलुमनी भी हैं, जिससे विदेशी नीति, सुरक्षा और सामरिक मामलों में उनकी विशेषज्ञता और मजबूत हुई है।

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