मध्य प्रदेश के मंदसौर स्थित विश्व प्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ महादेव मंदिर की पवित्रता और मर्यादा को भंग करने के आरोप में गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ प्रशासन ने बेहद कड़ा कदम उठाया है। शराब के नशे में मंदिर परिसर में घुसकर अशोभनीय हरकतें करने वाले मुख्य आरोपी इमरान खलीफा पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद से ही श्रद्धालुओं और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश था।
गंभीरता को देख नई आबादी थाना पुलिस का एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदसौर की नई आबादी थाना पुलिस ने त्वरित और सख्त रुख अपनाया। श्रद्धालुओं की मांग थी कि ऐसे तत्वों के खिलाफ मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक स्थलों की पवित्रता से खिलवाड़ न कर सके। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और प्रशासन की अनुशंसा पर उस पर रासुका की धाराओं के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की।
मंदिर प्रबंधक हटाए गए, सुरक्षा एजेंसी को नोटिस
इस घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे कि आखिर कड़ी सुरक्षा के बीच कोई व्यक्ति नशे की हालत में मंदिर परिसर के भीतर कैसे पहुंच गया। इन सवालों का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त प्रशासनिक कदम उठाए हैं। जिला कलेक्टर ने कर्तव्य में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में मंदिर प्रबंधक राहुल रूनवाल को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया है। मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली निजी सुरक्षा कंपनी को भी आधिकारिक नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। नोटिस में पूछा गया है कि जब सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर तैनात थे, तब ऐसी निंदनीय घटना को रोकने में वे नाकाम क्यों रहे।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर मोहन सरकार सख्त
प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, पवित्रता और गरिमा को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है। मंदसौर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि भविष्य में पशुपतिनाथ मंदिर की मर्यादा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत व प्रभावी बना दिया गया है।
