Who Was Acharya Satyendra Das: श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का आज लखनऊ पीजीआई में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। 3 फरवरी को ब्रेन हेमरेज होने के बाद उन्हें अयोध्या से लखनऊ रेफर किया गया था। जहां आज सुबह करीब 7 बजे 87 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। आचार्य सत्येंद्र दास पिछले 34 सालों से मुख्य पुजारी के तौर पर रामजन्मभूमि में सेवा दे रहे थे। वे 6 दिसंबर 1992 में बाबरी विध्वंस के समय रामलला को गोद में लेकर भागे। उसी समय से वे भगवान राम की सेवा कर रहे थे।
बहुत पढ़े-लिखे थे आचार्य सत्येंद्र दास
आचार्य सत्येंद्र दास का जन्म संतकबीरनगर जिले में हुआ था। बचपन से ही उनमें भक्ति भाव का वास था। वे अपने पिता के साथ अक्सर अयोध्या घूमने आया करते थे। सत्येंद्र दास काफी पढ़े-लिखे थे। उन्होंने संस्कृत विद्यालय से 1975 में आचार्य की डिग्री ली। जिसके बाद उन्हें अयोध्या में 1976 में संस्कृत महाविद्यालय में सहायक टीचर की नौकरी मिल गई।
1992 में पुजारी के रूप में नियुक्ति
आचार्य सत्येंद्र दास को मार्च 1992 में तत्कालीन रिसीवर ने पुजारी के तौर पर नियुक्त किया। उन्होंने टेंट में रहे रामलला की 28 सालों तक सेवा की। जिसके बाद चार साल तक अस्थायी मंदिर में रामलला की पूजा-अर्चना की। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही आयार्च सत्येंद्र दास राम मंदिर में मुख्य पुजारी की भूमिका में थे।
