UP Meerut News: उत्तर प्रदेश से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिसमें गांव वालों ने गांव में आए विजिलेंस की टीम को ही बंधक बना लिया। दरअसल मामला शुक्रवार का है। जब रानी नंगला गांव में तड़के करीब साढ़े तीन बजे गांव में विजिलेंस टीम छापेमारी करने आई तो ग्रामीणों ने पूरी टीम को बंधक बना लिया। गांव वालों का कहना है कि विजिलेंस की टीम सुबह-सुबह परेशान करने आ जाती है। आपको बता दें कि बाद में वहां भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी भी पहूंच गए। इस मामले को एसडीम के हस्ताक्षेप से शांत कराया गया।
जैसे ही शुरु की फोटोग्राफी गांव वाले हो गए इकट्ठे,
मौके पर पहूंचे भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी ने विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों को मौके पर ही बुलाने की मांग करने लगे। इसके बाद भाकियू पदाधिकारियों ने थाने पर ही धरना डाल दिया। मामला इतना बढ़ गया कि एसडीम को आना पड़ा। इस पूरे मामले को एसडीम के हस्तक्षेप से शांत कराया गया। छापेमारी के लिए विजिलेंस की टीम में से जेई विरेंद्र कुमार, एसआई जसवीर सिंह, हेडकांस्टेबल शादाब, प्रदीप व गुलाब गए थे। टीम ने जैसे ही फोटोग्राफी शुरु की तो पूरे गांव वाले इकट्ठे हो गए। ग्रामीणों ने सभी टीम के सदस्य को ग्रामीण नरेंद्र के मकान में बंधक बना लिया।
कहा - विजिलेंस के अधिकारी करते है गांव वालों से मनमानी
हांलाकि ग्रामीणों ने कहा कि विद्युत विजिलेंस की टीमें छापेमारी के नाम पर कभी भी आ जाती हैं और ग्रामीणों को परेशान करने लगतीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिलाधिकारी और विद्युत विभाग के अधिकारियों के सख्त निर्देश हैं कि सूर्यास्त के बाद व सूर्योदय से पहले किसी के घर में कोई छापामारी नहीं की जाएगी। यही नही ग्रामीणों ने यह भी कहा कि विजिलेंस के अधिकारी गांव वालों से मनमानी करते है वो गांव वालों से पैसा भी वसूलते है। ग्रामीणों ने सख्ती से कह दिया कि ये सब मनमानी नही चलेंगी। विजिलेंस की टीमें छत पर जाकर फोटोग्राफी करती हैं और ग्रामीण लोग गांव में आंगन में ही सोतें हैं।
आना पड़ गया एसडीएम को
मामला इतना बिगड़ गया कि थाना पुलिस को भी मौके पर आनी पड़ी। थाना प्रभारी रमेश चंद शर्मा ने ग्रामीणों व भाकियू पदाधिकारियों को जब समझाने का प्रयास किया तो वे भड़क गए। इस मामले को एसडीएम मवाना अखिलेश यादव व सीओ आशीष शर्मा के वर्तालाप से ही शांत किया गया। इसके बाद विजिलेंस की ओर से कोई भी कर्रवाई न होने व भविष्य में नियमानुसार छापेमारी करने पर ही धरना समाप्त हुआ। भारतीय किसान यूनियन की ओर से जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी, प्रधान सोहनवीर पोसवाल, नरेश मवाना, हर्ष चाहल, मदनपाल यादव, और इसके साथ कईं और लोग भी मौजूद थे।
