लखनऊ

आज फिर प्रयागराज पहुंचेगा माफिया अतीक अहमद, उमेश पाल हत्याकांड में होगी पेशी

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 12, 2023, 07:16 AM IST

Mafia Atiq Ahmed: माफिया अतीक अहमद को 16 दिन बाद दूसरी बार साबरमती जेल से प्रयागराज लाया जा रहा है। उसे उमेश पाल हत्याकांड में कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उसकी रिमांड की मांग करेगी। इसके बाद अमीक से इस हत्याकांड के सिलसिले में पूछताछ होगी।

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उमेश पाल हत्याकांड में आज होगी अतीक अहमद की पेशी (स्क्रीन ग्रैब)

Photo : ANI

Mafia Atiq Ahmed: माफिया से राजनेता बने अतीक अहमद को आज फिर प्रयागराज लाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश की प्रयागराज पुलिस मंगलवार दोपहर को उसे लेकर गुजरात की साबरमती जेल से रवाना हुई थी। आज दोपहर तक माफिया अतीक का काफिला प्रयागराज पहुंच सकता है, जिसके बाद उसे उमेश पाल हत्याकांड में प्रयागराज की सीजेएम कोर्ट में पेश किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस उसे कोर्ट में पेश कर कस्टडी रिमांड की मांग करेगी। इसके बाद उमेश पाल हत्याकांड में अतीक से पूछताछ होगी। बता दें, माफिया अतीक को इससे पहले 27 मार्च को साबरमती जेल से प्रयागराज लाया गया था, जहां राजू पाल अपहरण मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट में उसकी पेश हुई थी। इस मामले में माफिया अतीक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

सड़क मार्ग से ही लाया जा रहा अतीक

अतीक अहमद को प्रयागराज पुलिस दूसरी बार भी सड़क मार्ग से लेकर आ रही है। उसे उसी रास्ते से प्रयागराज लाया जा रहा है, जिस रास्ते उसे पहली बाद लाया गया था। जानकारी के मुताबिक, अतीक का काफिला शिवपुरी से झांसी होते हुए प्रयागराज पहुंचेगा।

अतीक बोला- हमारा पूरा परिवार बर्बाद हो गया

अतीक अहमद का काफिया मध्य प्रदेश के शिवपुरी पहुंची। यहां अतीक ने मीडिया का धन्यवाद दिया। उसने कहा, आप लोग हैं तो मेरी हिफाजत है। इससे पहले यूपी पुलिस का काफिला राजस्थान में रुका था। यहां मीडिया से बात करते हुए अतीक ने कहा, हमारा पूरा परिवार बर्बाद हो गया है। माफियागिरी की समाप्ति तो पहले ही हो गई थी। अब तो केवल रगड़ा जा रहा है। उमेश पाल हत्याकांड पर अतीक ने कहा, मैं जेल में था, मैं क्या जानूं क्या हुआ। वहीं फरार चल रहे बेटे और पत्नी के बारे में अतीक ने कोई भी जवाब देने से इंकार कर दिया।

अशरफ को भी लाया जा सकता है प्रयागराज

उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद का भाई अशरफ भी आरोपी है। पुलिस इस इस मामले में उसके खिलाफ भी बी वारंट जारी किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि अशरफ को भी बरेली जेल से प्रयागराज लाया जा सकता है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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