लखनऊ

हाथरस भगदड़: पुलिस को राजनीतिक फंडिंग का संदेह, आखिर कहां से आ रही है इतनी फंडिंग?

पुलिस ने कहा कि आरोपियों की पालिटिकल लिंक की जांच होगी उन्होंने कहा कि फंडिंग की बात आई है, वो जांच के दायरे में है। इतना बड़ा कार्यक्रम होता है, यूनिफार्म दी जाती है। आखिर फंडिंग कहां से आ रही है।

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हाथरस हादसे की जांच

Hathras Stampede: हाथरस भगदड़ हादसे में पुलिस की जांच में तेजी आने के साथ ही आरोपी गिरफ्त में आ रहे हैं। आज दिल्ली से कार्यक्रम के आयोजक मधुकर की गिरफ्तारी हुई। इसे लेकर हाथरस पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस भी की। हाथरस एसपी निपुण अग्रवाल ने कहा मधुकर सत्संग के लिए पैसा इकट्टा किया करता था। पूछताछ में ये भी पता चला है कि कुछ समय पहले कुछ राजनीतिक दलों द्वारा इसे संपर्क किया गया था, फंड इकट्ठा करने के संबंध में जांच की जा रही है।

राजनीतिक फंडिंग का संदेह

एसपी निपुण अग्रवाल ने कहा कि मधुकर की दो तरह की भूमिका थी, पहली कि वह मुख्य आयोजक था, दूसरा वह फंड रेजर था। सेवादार को रिमांड में लेकर पूछताछ करेंगे। आरोपियों की पालिटिकल लिंक की जांच होगी उन्होंने कहा कि फंडिंग की बात आई है, वो जांच के दायरे में है। इतना बड़ा कार्यक्रम होता है, यूनिफार्म दी जाती है। आखिर फंडिंग कहां से आ रही है, इसका साक्ष्य एकत्र किया जाएगा। इनके जितने बैंक अकाउंट हैं, ट्रस्ट की डिटेल और डोनर की लिस्ट मांगी जा रही है। इतना बड़ा कार्यक्रम होता है, इतना खर्चा होता है, इनके पास इतना पैसा आ कहां से रहा है? कहीं ना कहीं ऐसा प्रतीत हो रहा है कोई ना कोई राजनीतिक दल द्वारा इन्हें फंडिंग हो रही है।

आयकर विभाग से भी होगी बात

जब तक मनी ट्रेल नहीं निकाल लेते, तब तक पुष्टि नहीं कर पाएंगे। अब तक की पूछताछ के प्रतीत हो रहा है कि कोई राजनीतिक दल अपने निजी स्वार्थ के लिए इनसे जुड़ रहा है। मधुकर से जुड़े मनी ट्रायल, बैंक खाते की जांच की जा रही है। आयकर विभाग से बातचीत की जा रही है। एसपी ने कहा कि जांच कर रहे हैं कि सेवादारों ने ये किसी के कहने पर तो नहीं किया। पुलिस रिमांड में लेकर पूछताछ की जाएगी।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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