लखनऊ

अयोध्या में NSG केंद्र की स्थापना के लिए 8 एकड़ भूमि देने को मंजूरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को अयोध्या में आठ एकड़ जमीन 99 साल के पट्टे पर केंद्रीय गृह मंत्रालय को आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी ताकि मंदिर शहर और आसपास के संवेदनशील प्रतिष्ठानों में सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) केंद्र की स्थापना की जा सके।

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को अयोध्या में आठ एकड़ जमीन 99 साल के पट्टे पर केंद्रीय गृह मंत्रालय को आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी ताकि मंदिर शहर और आसपास के संवेदनशील प्रतिष्ठानों में सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) केंद्र की स्थापना की जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों को निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि अयोध्या सदर तहसील के गौरा बारिक छावनी क्षेत्र में स्थित जमीन को निशुल्क और कुछ शर्तों और प्रतिबंधों के साथ हस्तांतरित किया जाएगा। खन्ना ने कहा कि अयोध्या और आसपास के संवेदनशील प्रतिष्ठानों की बढ़ी हुई सुरक्षा आवश्यकताओं के मद्देनजर, जिला प्रशासन ने एनएसजी केंद्र की स्थापना के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को आठ एकड़ जमीन पट्टे पर देने का प्रस्ताव दिया था।

उन्होंने कहा कि आवंटन मौजूदा सर्किल रेट के आधार पर रियायती दरों पर किया जाएगा और इसे एक बार के अपवाद के रूप में माना जाएगा, भविष्य में इसे मिसाल के तौर पर नहीं उद्धृत किया जाएगा। यह भूमि अयोध्या जिले के परगना-हवेली अवध में स्थित है और गौरा बारिक छावनी क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जो किसी भी खतरे की स्थिति में विशिष्ट एनएसजी कमांडो की तैनाती और संचालन के लिए एक रणनीतिक स्थान है।

अधिकारियों ने कहा कि एनएसजी केंद्र क्षेत्र में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करेगा, खासकर राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या के धार्मिक और रणनीतिक महत्व को देखते हुए। खन्ना ने कहा कि यह कदम अयोध्या में मजबूत सुरक्षा बुनियादी ढांचे को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।" (भाषा)

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

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