समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूर्व मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ सदस्य रहे आजम खान की जेल से रिहाई पर खुशी जतायी है। उन्होंने कहा कि आजम खान की रिहाई पार्टी के लिए खुशी का मौका है। अखिलेश ने कहा कि उन पर कई फर्जी मुकदने लगाए गए और झूठे आरोपों में फंसाया गया।
जेल से रिहाई के बाद आजम खान के बसपा में शामिल होने की अटकलों के बीच अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खान साहब सपा के संस्थापक हैं। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि आगे आजम खान को न्याय मिलेगा। इसके साथ ही अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार आने पर उनके खिलाफ लगाए गए सभी फेक मुकदमे खत्म किए जाएंगे।
यही नहीं अखिलेश यादव ने राज्य की भाजपा सरकार पर भेदभाव का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, राज्य में जो भी पोस्टिंग हुई है उसमें भेदभाव हुआ है। जाति के आधार पर पोस्टिंग हुई है। उन्होंने कहा, राज्य में जल्द खुशहाली आएगी। जब भाजपा हटेगी तब न्याय मिलेगा।
उधर बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भी एक बयान जारी किया। उन्होंने प्रेस को जारी किए गए बयान में कहा कि आजम खां महीनों से सीतापुर जेल में बंद थे, मगर खुशी की बात ये है कि हाई कोर्ट के आदेश पर आज वो रिहा हो गए। उनके रिहा हो जाने पर मुसलमानो मे बेहद खुशी है और खुशी होनी भी चाहिए क्योंकि वो महीनों से जेल में बंद थे। उन्होंने रामपुर की जनता और शहर के विकास के लिए बहुत काम किए हैं।
मौलाना ने खुशी का इजहार करते हुए मुसलमानो के गम का एहसास दिलाते हुए कहा कि आजम खां उस व्यक्ति का नाम है, जिन्होंने समाजवादी पार्टी को खून और पसीने से सींचा , मास्टर मुलायम सिंह यादव को मुल्ला मुलायम सिंह बना दिया। उनकी मेहनतों का फल उनके परिवार को इतना मिला की मुलायम सिंह और उनके बेटे अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के कई बार मुख्यमंत्री बने। मगर अखिलेश यादव ने इस मुश्किल घड़ी में आजम खान का साथ नहीं दिया। आजम खान और उनका परिवार अकेले ही अपनी लड़ाई लडता रहा, इस लड़ाई में अखिलेश यादव ने आजम खान को तनहा छोड़ दिया, इसी को कहते है एहसान फरामोशी।
