कोलकाता

PM मोदी 15 सितंबर को कोलकाता में सशस्त्र बलों के संयुक्त कमांडर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 सितंबर को कोलकाता में सशस्त्र बलों के तीन-दिवसीय संयुक्त कमांडर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। 15 से 17 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में सुधार, परिवर्तन और अभियानगत तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस वर्ष के सम्मेलन का विषय 'सुधारों का वर्ष - भविष्य के लिए परिवर्तन' है। सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी करेंगे।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PHOTO-PTI)

कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 सितंबर को कोलकाता में सशस्त्र बलों के तीन-दिवसीय संयुक्त कमांडर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। एक रक्षा अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 15 से 17 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में सुधार, परिवर्तन और अभियानगत तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस वर्ष के सम्मेलन का विषय 'सुधारों का वर्ष - भविष्य के लिए परिवर्तन' है। सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी करेंगे।

बयान में कहा गया कि सम्मेलन का फोकस संस्थागत सुधारों, गहन एकीकरण और तकनीकी आधुनिकीकरण के प्रति सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही बहु-क्षेत्रीय अभियानगत तैयारी के उच्च स्तर को बनाए रखना है। सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह सहित अन्य शामिल होंगे।

यह सम्मेलन सशस्त्र बलों का शीर्ष विचार-मंथन मंच है, जो देश के नागरिक और सैन्य नेतृत्व को वैचारिक और रणनीतिक स्तरों पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए एक साथ लाता है।

यह सम्मेलन पिछली बार 2023 में भोपाल में आयोजित किया गया था।बयान में कहा गया कि विचार-विमर्श का उद्देश्य सशस्त्र बलों को और मज़बूत करना होगा, जो लगातार जटिल होते भू-रणनीतिक परिदृश्य में चुस्त और निर्णायक हैं। सम्मेलन में समावेशी जुड़ाव की परंपरा को जारी रखते हुए सशस्त्र बलों के विभिन्न रैंकों के अधिकारियों और कर्मियों के साथ संवादात्मक सत्र होंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि क्षेत्र-स्तरीय दृष्टिकोण उच्चतम स्तर पर चर्चाओं को समृद्ध करें।

(भाषा इनपुट)

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

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