कानपुर

33 महीने बाद जेल से रिहा हुए पूर्व सपा विधायक इरफान सोलंकी, बोले-यह न्याय की जीत

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर की शीशामऊ सीट से पूर्व विधायक इरफान सोलंकी 33 महीने जेल में रहने के बाद रिहा हो गए। उन्होंने कहा कि यह न्याय की जीत है। उनके ख़िलाफ़ गैंगस्टर एक्ट का एक मामला दर्ज था।

Image

पूर्व सपा विधायक इरफान सोलंकी रिहा (फोटो-@IrfanSolanki)

कानपुर : जिले से समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी 33 महीने जेल में रहने के बाद रिहा हो गए। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजे जेल में आधिकारिक आदेश पहुंचने के बाद सोलंकी की रिहाई की औपचारिकता शुरू हो गई थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने चार दिन पहले, सोलंकी को गैंगस्टर अधिनियम के एक मामले में जमानत दे दी थी। पहले उनकी रिहाई अगले दिन के लिए निर्धारित थी, लेकिन उच्च न्यायालय के दस्तावेजों को जेल में स्थानांतरित करने में देरी के कारण तीन दिन की देरी हुई।

महाराजगंज जेल से ज़मानत पर रिहा हुए सपा नेता इरफ़ान सोलंकी कहते हैं कि यह न्याय की जीत है।" उनके ख़िलाफ़ गैंगस्टर एक्ट का एक मामला दर्ज था।

इरफान सोलंकी पर कितने केस

इरफान सोलंकी दो दिसंबर, 2022 से जेल में हैं और उन पर कुल 10 मामले दर्ज हैं। उपचुनाव के बाद, उनकी पत्नी नसीम सोलंकी पति की सीसामऊ सीट से विधायक चुनी गईं। नसीम सोलंकी ने संवाददाताओं को बताया कि उनके पति की रिहाई शाम तक होने की उम्मीद है, जिसके बाद वह अपने परिवार के साथ समय बिताएंगे। सुबह से ही पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ जेल के आसपास जमा होने लगी।

हाल ही में, सपा के एक और वरिष्ठ नेता आजम खान को उच्च न्यायालय के आदेश के बाद कई मामलों में लगभग दो साल की कैद के बाद सीतापुर जेल से जमानत पर रिहा किया गया।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article