Kanpur Shikara Boat: उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा की लहरों पर कश्मीर की डल झील जैसा मजा ले सकेंगे। कानपुर में गंगा में शिकारा बोट की लोग सवारी कर सकेंगे। सर्दियों में घने कोहरे के बीच शिकारा बोट कश्मीर की डल झील जैसा एहसास कराएगी। नावों को खास रूप से तैयार किया जा रहा है। कानपुर बोट क्लब में बोट का संचालन कर रही मणिकर्णिका कंपनी के कर्मचारी ने बताया कि पहले फेज में दो शिकारा बोट तैयार की जा रही हैं। यहां के मल्लाहों को रोजगार मिल सके, इसके लिए उनकी बोट को शिकारा बोट की तरह लुक दिया जा रहा है।
खाने-पीने की सुविधा भी बोट में ही मिलेगी। सर्दियों में गंगा के ऊपर कोहरा बहुत अधिक होता है। सर्दियों में शिकारा बोट में बोटिंग करने वाले लोगों को कश्मीर की तरह एहसास मिलेगा। शिकारा के अलावा भी कानपुर गंगा में कई और बोट का संचालन किया जाएगा।
कानपुर ऐसा दूसरा शहर, जहां होगा क्रूज बोट का संचालन
कमिश्नर डा. राज शेखर के अनुसार, कानपुर से बिठूर तक क्रूज बोट का संचालन करने की तैयारी है। बोट का संचालन कर रही कंपनी ही क्रूज भी संचालित करेगी। लोग कानपुर गंगा बैराज से बिठूर तक फरवरी से क्रूज में सफर कर सकेंगे। यूपी में वाराणसी के बाद कानपुर दूसरा ऐसे शहर होगा, जहां क्रूज बोट का संचालन होगा। बिठूर तक सफर में करीब एक घंटा 35 मिनट का समय लगेगा। गोवा से क्रूज बोट को किराये पर लाकर संचालित करने की तैयारी है। कानपुर को वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स का हब बनाने के साथ ही वाटर टूरिज्म का हब बनाने पर भी तेजी से काम हो रहा है।
कानपुर में गंगा किनारे कैंपिंग भी कर सकेंगे लोग
कानपुर गंगा बैराज से बिठूर के मार्ग पर लोग क्रूज से उतरकर गंगा किनारे कैंपिंग भी कर सकेंगे। कैंपिंग के लिए जगह चिन्हित करने की दिशा में काम हो रहा है। आपको बता दें कि अभी तक ऋषिकेश में गंगा किनारे लोग कैंपिंग का मजा लेने जाते हैं। यूपी में बिठूर में ब्रह्माखूटी होने के साथ मां सीता के प्रवास को लेकर एक अलग ही पहचान है। पुराणों के अनुसार, मां सीता ने लव और कुश को बिठूर में ही जन्म दिया था। यहां सीता रसोई, लवकुश आश्रम, सीता कुंड, स्वर्ण सीढ़ी समेत कई ऐसी प्राचीन स्मृतियां मौजूद हैं। कानपुर गंगा बैराज पर कानपुर बोट क्लब का संचालन शुरू कर दिया गया है, 9 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकार्पण किया था। 24 दिसंबर को इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया था। तब से रोजाना सैकड़ों लोग बोटिंग कर आनंद ले रहे हैं। वाटर स्कूटर, हैलो बोट, स्पीड बोट, ड्रैगन बोट, रोइंग और कैनाइन बोट का भी गंगा संचालन हो रहा है। शिकारा बोट का शुल्क 15 रुपये तय किया गया है।
