Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर के शिवराजपुर क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान 'असामाजिक तत्वों' ने एक होमगार्ड जवान समेत तीन लोगों पर हमला किया और थाने में तोड़फोड़ की। पुलिस ने इस सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि इस सिलसिले में होमगार्ड जवान की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में कहीं भी कांवड़ या कांवड़िये शब्द का जिक्र नहीं किया गया है। लेकिन पुलिस थाने में तोड़फोड़ करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
असामाजिक तत्वों ने किया पुलिस अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार
पुलिस सूत्रों के अनुसार सोमवार रात एक युवक दौड़ते समय गंगा रोड तिराहा इलाके में फिसलकर गिर गया। ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवान उमा शंकर, चौकीदार राम किशोर और विश्वजीत नामक एक छात्र उसकी मदद के लिए पहुंचे। यह देखकर दर्जनों 'असामाजिक तत्वों' को लगा कि उनका साथी इन्हीं लोगों की वजह से गिरा है। इसके बाद उन्होंने तीनों लोगों पर हमला कर दिया। बिल्हौर के सहायक पुलिस आयुक्त अमरनाथ यादव ने कहा, "भीड़ ने होमगार्ड जवान, चौकीदार और छात्र की पिटाई की। बाद में वे उनका पीछा करते हुए शिवराजपुर थाना पहुंच गए, जहां असामाजिक तत्वों ने पुलिस अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया, गालियां दीं और थाने में तोड़फोड़ की।"
पुलिस स्टेशन में तोड़फोड़
यादव ने बताया कि हमलावरों ने महिला हेल्प डेस्क के शीशे तोड़ दिए, पुलिस प्रतिक्रिया वाहन की खिड़कियां तोड़ दीं और थाना परिसर में खड़े अन्य वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। सहायक पुलिस आयुक्त के मुताबिक यह पूरा घटनाक्रम पुलिस स्टेशन और आस-पास की सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गया। फुटेज के आधार पर, पुलिस ने हिंसा में शामिल 20 संदिग्धों की पहचान की और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
यादव ने कहा,"इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार करके विधिक कार्यवाही के तहत जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने दंगा करने, जानबूझकर चोट पहुंचाने, किसी लोक सेवक को कर्तव्य से विरत करने के लिए चोट पहुंचाने, लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली शरारत, और शांति भंग करने के लिए जानबूझकर अपमान करने के आरोपों के साथ-साथ सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।"
(इनपुट - भाषा)
