कानपुर: कानपुर शहर अपने ठेठ और निराले अंदाज के लिए जाना जाता है। लेकिन, बुरा न मानें तो एक बात कहें भइया यहां गुटखा तबीयत के साथ चबाया जाता है। क्या सड़कें, क्या दीवारें, क्या चौक क्या हाट-बाजार? मानों किसी ने पिचकारी में गेरुआ रंग भरकर दीवार के कोने पर फुचुक कर दिया हो। यहां ज्यादातर लोग मुंह में गुटखा दबाए रौब गांठते नजर आएंगे। लेकिन, भइया यहां के लोग बहुत नेकदिल हैं, ये मानना पड़ेगा। यहां आपको हर नुक्कड़ और गली चौराहों पर पान मसाले का खोखा यानी गुमटी टिकी मिल जाएगी। एक ही जगह पान मसाला और तंबाकू सिगरेट के दर्शन हो जाएंगे। लेकिन, एक बात आपको नहीं पता होगी, जो हम बताने जा रहे हैं। तो सुनिए कानपुर वालों अब एक ही जगह पर पान मसाला और तंबाकू नहीं मिलेगी। चौंक गए न...हैरान मत होइये विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़िए....
पान मसाला और तंबाकू की बिक्री पर रोक
कानपुर वासियों के लिए ये खबर किसी 'सकते' में आने से कम नहीं है। जी, हां अब एक ही परिसर में पान मसाला और तंबाकू की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए अधिसूचना जारी की है कि एक जून से एक स्थान पर इन सामाग्रियों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। साथ ही जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
इस नियम के तहत लगी रोक
यह आदेश खाद्य सुरक्षा एंव मानक अधिनियम 2006 के अनुपालन के क्रम में 2011 में बनाए नियमों के तहत प्रदेश की सीमा में तंबाकूयुक्त पान मसाला के मैन्युफैक्चरिंग, पैकिंग, भंडारण, वितरण और बिक्री पर रोक है। हालांकि, इसका पूर्णतया अनुपालन नहीं किया जा रहा है। इस नियम को फॉलो करने के लिए हाईकोर्ट आदेश दे चुका है। उधर, खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने पत्र लिखकर जानकारी दी कि विभिन्न पान मसाला निर्माण इकाइयों की ओर से तंबाकू का भी निर्माण उसी नाम अथवा उसी ब्रांड से किया जा रहा है। पान मसाला के साथ तंबाकू के पाउच का भंडारण और बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है और हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है। लिहाजा, 1 जून 2024 यानी शनिवार से पान मसाला के साथ एक ही अथवा भिन्न ब्रांडनेम की तंबाकू का उत्पादन, भंडारण, वितरण और विक्रय पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा एंव औषधि प्रशासन की टीमें करेंगी छापेमारी
हालांकि, यह नियम होलसेल दुकानदारों के प्राथमिक तौर पर है। कानपुर दैनिक जागरण के हवाले से यानी एक जून से यह प्रतिबंध प्रभावी होने के बाद दुकानदार पान मसाला और तंबाकू के पाउच एक साथ नहीं बेच सकेंगे। नियमों को ताक पर रखकर उल्लंघन करने पर खाद्य सुरक्षा एंव औषधि प्रशासन की टीमें छापेमारी कर कार्रवाई करेंगी। अगर, गौर करें तो सिर्फ कानपुर में अकेले लगभग पांच हजार से ज्यादा ऐसी दुकानें हैं, जहां हर गली नुक्कड़ और चौराहों पर पान मसाला और उसके साथ तंबाकू के पाउच धड़ल्ले से बिक रहे हैं। इसकी वजह से छोटे दुकानदारों को कई दुकानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। उधर, सहायक आयुक्त का कहना है कि एक जून से खाद्य सुरक्षा एंव औषधि प्रशासन की टीमें 21 जोन में शहर को बांटकर जांच शुरू करेगी।
