कल का मौसम (Kal Ka Mausam): देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार रफ्तार पकड़ रहा है और 2 जुलाई तक यह दिल्ली, पूरे उत्तर प्रदेश समेत कई नए इलाकों में पहुंच चुका है। अगले कुछ दिनों में उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के अधिकांश राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश, बिजली गिरने और स्थानीय स्तर पर जलभराव व भूस्खलन को लेकर सतर्क रहने की सलाह जारी की है। वेदर सिस्टम की बात करें तो उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उत्तर ओडिशा तट के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से 2 जुलाई को सुबह 8:30 बजे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल तट के पास एक निम्न दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर एरिया) बन गया।
मौसम विभाग के अनुसार यह प्रणाली अगले 2 से 3 दिनों में और अधिक मजबूत हो सकती है। समुद्र तल पर सक्रिय मानसूनी द्रोणिका (सीजनल ट्रफ) इस समय उत्तर-पश्चिम राजस्थान से होकर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र तक फैली हुई है। इसके मार्ग में दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तर मध्य प्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है, जिसका प्रभाव निचले क्षोभमंडलीय स्तर तक देखा जा रहा है। इसके अलावा, दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तट तक समुद्र के समानांतर एक ऑफ-शोर ट्रफ भी बनी हुई है, जो पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती है। वहीं, मध्य क्षोभमंडल में लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर 62° पूर्व देशांतर के आसपास 32° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार लगभग 21° उत्तरी अक्षांश के आसपास निचले और ऊपरी क्षोभमंडलीय स्तरों के बीच एक शियर जोन भी मौजूद है। इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से देश के कई हिस्सों में आगामी दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां तेज होने और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 का अपडेट
मौसम विभाग के अनुसार 2 जुलाई 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के कई नए इलाकों में अपनी पहुंच बढ़ा ली है। मानसून अब गुजरात के और हिस्सों, पूरे उत्तर प्रदेश, संपूर्ण दिल्ली, मध्य प्रदेश के अधिकांश भाग, हरियाणा और पंजाब के बड़े हिस्से तथा राजस्थान के कुछ अतिरिक्त क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। इसके साथ ही उत्तर भारत में मानसून की गतिविधियां और तेज होने लगी हैं। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा उत्तर अरब सागर से होते हुए गुजरात के पोरबंदर और वल्लभ विद्यानगर, मध्य प्रदेश के नीमच, राजस्थान के टोंक, हरियाणा के भिवानी, पंजाब के बठिंडा होते हुए आगे बढ़ रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों में परिस्थितियां अनुकूल बनी रहेंगी, जिससे दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश के शेष क्षेत्रों, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के अन्य इलाकों में भी आगे बढ़ सकता है। इससे इन राज्यों में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है।
दिल्ली में कल का मौसम
3 जुलाई को दिल्ली में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मानसून की एंट्री के बाद सुबह से दोपहर के दौरान एक या दो बार हल्की से बहुत हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति कुछ समय के लिए 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली का अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 5 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक कम रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान भी सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे रहने की संभावना है। हवा की दिशा दिनभर बदलती रहेगी। सुबह के समय पूर्वी दिशा से करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। दोपहर में हवाओं का रुख दक्षिण-पूर्व की ओर हो जाएगा और उनकी गति बढ़कर लगभग 18 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके बाद शाम और रात के समय हवा की रफ्तार घटकर करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
उत्तर प्रदेश में 3 जुलाई को मौसम में बदलाव बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ झोंकेदार हवाएं चलने के आसार हैं, इसलिए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। 3 जुलाई को पूरे प्रदेश के लिए व्यापक भारी बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन अलग-अलग जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। वहीं, आगामी दिनों में मानसून के और अधिक सक्रिय होने के कारण 5 से 8 जुलाई के बीच पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
बिहार में अगले पांच दिनों का मौसम
बिहार में 3 जुलाई से अगले पांच दिनों तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान राज्य के अधिकांश जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश के दौर भी देखने को मिल सकते हैं। 3 और 4 जुलाई को कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश तथा 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 5 और 6 जुलाई को बिहार के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से पूरे पूर्वी भारत में मानसून की गतिविधियां तेज रहेंगी, जिसका असर बिहार में भी देखने को मिलेगा। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम का हाल
दक्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार गुरुवार को राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में पहुंच गया। सामान्य समय की तुलना में इसके राज्य में पहुंचने में सात दिन की देरी हुई। मौसम की ताजा जानकारी के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा अभी टोंक, जयपुर और अलवर से गुजर रही है और अगले दो-तीन दिनों में राज्य के और हिस्सों में इसके आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल बने हुए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि गुरुवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून पूर्वी राजस्थान में प्रवेश करने के अलावा गुजरात के और हिस्सों, उत्तर प्रदेश के बाकी इलाकों, पूरे दिल्ली क्षेत्र और मध्य प्रदेश, हरियाणा व पंजाब के अधिकतर हिस्सों में भी आगे बढ़ा। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान में मानसून के सक्रिय रहने का अनुमान लगाया है। कोटा, अजमेर, भरतपुर और जयपुर डिवीन के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। खासकर कोटा डिवीजन के जिलों में भारी बारिश की भी काफी संभावना है। अगले एक-दो दिनों में जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर डिवीज़न में मानसून के जोर पकड़ने की उम्मीद है। पूर्वी राजस्थान के अधिकतर हिस्सों में अच्छी-खासी बारिश होने की संभावना है। कुछ जगहों पर भारी बारिश और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान
मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून तेजी से असर दिखाएगा। मौसम विभाग के अनुसार 3 से 8 जुलाई के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। 3 और 4 जुलाई को विशेष रूप से पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने की आशंका है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 से 8 जुलाई के बीच कई इलाकों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इस दौरान 3 जुलाई को पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन दिनों प्रदेश में मध्यम से बिजली चमकने की भी चेतावनी जारी की है।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के लिए पांच जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
किश्तवाड़ जिला प्रशासन ने गुरुवार को मौसम परामर्श जारी करते हुए रविवार तक क्षेत्र में भारी बारिश, बिजली गरजने, अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन होने का अनुमान जताया है। परामर्श में लोगों, खासतौर से नदी तट के निकट रहने वालों को सतर्कता बरतने और संवेदनशील इलाकों में जाने से बचने का आग्रह किया गया है। किश्तवाड़ के उपायुक्त कार्यालय की ओर से जारी परामर्श के अनुसार, जिले में सामान्यतः बादल छाए रहने, कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। परामर्श के अनुसार कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा, कम समय में तेज बारिश तथा तेज़ हवाएं भी चल सकती हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि मौजूदा मौसमी परिस्थितियों के कारण संवेदनशील क्षेत्रों में अचानक बाढ़, भूस्खलन और मिट्टी धंसने की घटनाएं हो सकती हैं। परामर्श में खासतौर से जलाशयों, नदियों, नालों और खड्डों के आसपास रहने वाले लोगों को इन स्थानों से दूर रहने तथा मौसम सामान्य होने तक सभी आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम?
वहीं बात अगर दक्षिण भारत के मौसम की करें तो यहां 3 से 8 जुलाई के दौरान अधिकांश राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। वहीं तेलंगाना में 3 से 8 जुलाई के बीच तथा तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 5 से 8 जुलाई के दौरान कई इलाकों में मानसून की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में 3 से 8 जुलाई तक अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा होने के आसार हैं। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 3 जुलाई और फिर 6-8 जुलाई के दौरान अच्छी बारिश की संभावना है, जबकि तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 3 और 4 जुलाई को भी कई स्थानों पर वर्षा हो सकती है। इस अवधि में कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 3 से 6 जुलाई के बीच 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। वहीं केरल, माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और कर्नाटक के कई हिस्सों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। तेलंगाना में भी 4 से 8 जुलाई के दौरान तेज हवाओं और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है।
