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कल का मौसम : 72 घंटे में आंधी-पानी का अलर्ट, 20 राज्यों में नौतपा में डाउन होगा तापमान; गर्मी-लू सताएगी दिन-रात

Kal Ka Mausam 26 May 2026 , कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam Kaisa Rahega : नौतपा लगने के साथ ही बादलों की आवाजाही के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग की मानें तो अगले 72 घंटे के बाद उत्तर भारत के राज्यों में धूल भरी आंधी और बारिश की संभावना व्यक्त की जा रही है। उधर, पहाड़ों पर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के एक्टिव रहने से हिमाचल, कश्मीर और उत्तराखंड के पर्वतीय भागों पर आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है। स्काईमेट ने दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के अधिकांश राज्यों में प्री मानसूनी गतिविधियां बढ़ने का अलर्ट जारी रखा है। ऐसे में माना जा रहा है कि 28 मई से गर्मी पर ब्रेक लग सकती है।

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मौसम आज-कल

कल का मौसम (Kal Ka Mausam) : देशभर में बढ़ते तापमान को कंट्रोल करने में बादल मदद कर सकते हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे के दौरान उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में भीषण गर्मी और लू के बीच पश्चिमी विक्षोभ का असर बढ़ने से बादलों की आवाजाही हो सकती है। इस दौरान पहाड़ों से लेकर यानी उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर में बारिश-बर्फबारी, आंधी और ओलावृष्टि होने की संभावना बनी हुई है। इधर, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और यूपी के कुछेक हिस्सों पर बादल छा सकते हैं और धूल भरी आंधी के साथ बौछारे पड़ सकती हैं, जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, नौतपा लगने से भीषण तपिश और लू का सिलसिला जारी रहने के संकेत हैं। आईएमडी ने मंगलवार के लिए समूचे पूर्वोत्तर में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से खराब मौसम रहने का अनुमान है। स्काईमेट ने 26 मई को तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कोंकण, गोवा के तटीय भागों पर तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्ट घोषित किया है। उधर, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों पर बादल गरज-चमक के साथ बरस सकते हैं।

राजस्थान का मौसम कैसा है

राजस्थान के ज्यादातर जिले भीषण गर्मी की चपेट में हैं। इस बीच आईएमडी ने इस पूरे सप्ताह भीषण गर्मी का अलर्ट जारी किया है। जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक, पश्चिमी जिलों में अधिकतम तापमान 45-46 डिग्री तक बना हुआ है। गंगानगर में यह 46 डिग्री सेल्सियस रहा। अब दिन के साथ गर्म राते महसूस की जा रही हैं और धूल भरी हवाएं चल रही हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने 28-29 मई से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कुछ हिस्सों पर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और कहीं-कहीं बारिश की संभावना व्यक्त की है। मौसमी गतिविधियां होने से अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री गिरावट हो सकती है। आंधी बारिश की गतिविधियां जून के पहले सप्ताह में भी मौसम को सुहावना रख सकती हैं।

दिल्ली-एनसीआर में कल का मौसम

दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी के बीच नौतपा की एंट्री हो चुकी है। दिनभर तेज धूप से मौसम बदला हुआ है। हालांकि, आईएमडी ने आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के असर की बात कही है, जिससे तेज धूल भरी आंधी और हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की बात कही है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से तूफान चलने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के हवाले से, 25 मई से 27 मई तक दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी और हीट वेव का असर रहेगा, हालांकि बीच-बीच में बादलों की आवाजाबी या हल्की बारिश होने से तापमान में थोड़ी गिरावट हो सकती है। 26 और 27 मई को न्यूनतम तापमान 29 डिग्री और अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, लेकिन 28 मई से मौसम बदल सकता है।

पूर्वोत्तर में बारिश का अलर्ट

पूर्वोत्तर भारत में प्री मानसून का सिलसिला आगे बढ़ता जा रहा है। अधिकांश राज्यों में काले बादल छाए हुए हैं और हवाओं की गति तेज हैं। आईएमडी की मानें तो अगले 48 घंटे के दौरान सिक्किम, नागालैंड, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, विदर्भ और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों पर भीषण आंधी तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान पेड़ों के उखड़ने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। लिहाजा लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। ये मौसमी गतिविधियां अगले कई दिनों तक जारी रह सकती हैं। इनमें से कई राज्यों में लू चलती नजर आ सकती है।

बंगाल में कैसा है मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के दक्षिणी जिलों में बुधवार से आंधी-बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। आईएमडी ने कहा जिससे अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट आएगी। खासकर, पुरुलिया और पश्चिम बर्धमान के निवासियों को चिलचिलाती गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, आने वाले दिनों में तूफान के साथ बारिश होने से अधिकतम तापमान में कमी आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। फिलहाल, उत्तर बंगाल के ज़िलों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा है और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई।

दक्षिण भारत में मानसून की एंट्री के संकेत

दक्षिण भारत में लगातार मौसम बदल रहा है। खासकर, तटीय भागों पर मानसून की एंट्री के संकेत के बाद आंधी-तूफान और बारिश की संभावना बढ़ गई है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले 72 घंटे के दौरान समुद्री हिस्सों पर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, लक्ष्यद्वीप, मेघालय में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान और भारी बारिश होने का अलर्ट है। इसका असर पश्चिमी घाट के हिस्सों पर भी तेज बारिश की संभावना है। उधर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गोवा में आंधी और बारिश का पूर्वानुमान है।

तमिलनाडु में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया कि तमिलनाडु में बारिश ने मौसम को ठंडा कर दिया है। दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में चक्रवाती परिसंचरण और केरल और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों को प्रभावित करने वाले निम्न दबाव तंत्र के कारण आगे भी बारिश की संभावना बनी हुई है। आईएमडी के मुताबिक, नमक्कल, रासीपुरम और तिरुचेंगोडे, इरोड, पोय्याथनल्लूर, रायम्बुरम, सेंथुरई और अरियालुर, तिरुपत्तूर और वानीयमबाड़ी में तेज हवाएं और ओलावृष्टि से मौसम बदला हुआ है। अगले 24 घंटे के दौरान कृष्णागिरी, कावेरीपट्टिनम, बरगुर, अल्लापत्ती, कुंदरपल्ली, वेप्पनहल्ली और मेलुमलाई में भी भारी बारिश हो सकती है। नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी और दिंडीगुल जिलों में मंगलवार को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। मंगलवार को इरोड, तिरुप्पुर, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरी, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट, तिरुवनमलाई, चेन्नई, कल्लाकुरिची, पेरम्बालूर, तिरुची, नमक्कल, करूर और मदुरै जिलों में 50 किमी. की रफ्तार से तूफान चलने और भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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