Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा) : देशभर में मौसम का डबल अटैक जारी होने वाला है। बंगाल की खाड़ी में अगले सप्ताह से लो प्रेशर बनने की संभावना है। ऐसे में कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। लेकिन, भीषण गर्मी के बीच आज से केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक हो गई है, जिससे दक्षिण भारत और पश्चिम भारत के राज्यों में मौसमी गतिविधियां शुरू हो जाएगी। हालांकि, अन्य राज्यों में मानसून की सटीक तारीखों में ±4 दिन का अंतर आ सकता है। आईएमडी के अनुसार आने वाला महीना मौसम के लिहाज से बेहतर साबित होगा। मानसून का असर अब 15 राज्यों में देखने को मिलेगा। आईएमडी ने केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, असम, तमिलनाडु, मेघालय और गोवा में भी भारी बारिश की संभावना व्यक्त की जा रही है। । मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार में जल्द ही बारिश की उम्मीद है, जिससे भीषण गर्मी से लोगों को खासी राहत मिलेगी। पूर्वानुमान के मुताबिक, इन राज्यों में धूल भरी आंधी-तूफान और गरज चमक के साथ कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश होगी। इस दौरान कहीं-कहीं आकाशीय बिजली गिरने के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी है।
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 28 °C | 38 °C |
| मुंबई | 27 °C | 32 °C |
| लखनऊ | 27 °C | 36 °C |
| पटना | 27 °C | 32 °C |
| भोपाल | 26 °C | 33 °C |
| जयपुर | 31 °C | 40 °C |
| बेंगलुरु | 21 °C | 25 °C |
| चेन्नई | 29 °C | 35 °C |
| शिमला | 14 °C | 25 °C |
| देहरादून | 21 °C | 32 °C |
| कश्मीर | 9 °C | 18 °C |
यूपी में कल कैसा रहेगा मौसम
उत्तर प्रदेश में केरल के मानसून का असर दिखाई दे सकता है। मौसम विभाग ने अगले एक दो दिन में राज्य के तराई और पूर्वी इलाकों में झोंकेदार हवा के साथ बूंदाबांदी देखी जा सकती है। पुरवइया हवा के झोंकों के साथ आसमान से राहत की बूंदे गिरने से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिल रही है। आईएमडी ने शनिवार और रविवार को राज्य के 60 जिलों में गरज चमक से साथ बूंदाबांदी की चेतावनी जारी की है।
दिल्ली-एनसीआर कल का मौसम
दिल्ली में न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के औसत से 1.7 डिग्री कम है। आईएमडी ने शनिवार और रविवार को आंधी-तूफान आने तथा बारिश होने का अनुमान जताया है तथा अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद जताई है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले एक से दो दिन एनसीआर में करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और हल्की से मध्यम बारिश होगी। इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर कितना?
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर कम होने से राहत की सांस मिल रही है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद पॉल्यूशन लेवल में कमी आ रही है। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, एक्यूआई 120 रहा, जो मध्यम श्रेणी में आता है। सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।

मौसम
बिहार में कैसा रहेगा मौसम?
बिहार में भी मौसम बदलने को तैयार है। आईएमडी ने राज्य के 38 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। मुख्य तौर पर समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कुछ इलाकों में 50 मिमी. तक बारिश हो सकती है। प्रदेश में 31 मई तक मौसम इसी तरह का रहने की संभावना व्यक्त की गई है। अगर मौसम का पूर्वानुमान सही साबित होता है तो लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिलेगी।
राजस्थान में भीषण गर्मी
राजस्थान में भीषण गर्मी का दौर जारी रहने तथा तापमान और बढ़ने की चेतावनी जारी की है। राज्य में अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर जा सकता है। मौसम केंद्र जयपुर के प्रवक्ता ने बताया कि शनिवार को बीकानेर, जोधपुर संभाग के सीमावर्ती जिलों के अनेक भागों में अधिकतम तापमान 46 से 48 डिग्री दर्ज होने की संभावना है। अगले तीन दिन तक भीषण गर्मी जारी रहने और सीमावर्ती क्षेत्रों में आगामी 48 घंटों में कहीं-कहीं अधिकतम तापमान 1-2 डिग्री बढ़ोतरी बढ़कर 48 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंचने का अनुमान जताया है।
वहीं अजमेर, जयपुर, कोटा संभाग में आगामी 2-3 दिन कहीं-कहीं अधिकतम तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस रहने तथा लू चलने की चेतावनी है। पूर्वी हवाओं के सक्रिय होने से आगामी 4-5 दिन राज्य के कुछ भागों में शाम के समय बादल गरजने तथा 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे के रफ्तार से तेज आंधी आने आने का अनुमान जताया है। राज्य में कई दिनो से भीषण गर्मी पड़ रही है। शुक्रवार को सीमावर्ती जैसलमेर में अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मानसून
गोवा में भारी बारिश के आसार
गोवा के लिए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें रविवार तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। राज्य सरकार ने लोगों को नदियों और झरनों में न जाने की सलाह दी है। पिछले 24 घंटों में तटीय राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने अत्यधिक भारी बारिश होने का संकेत देते हुए शुक्रवार को रेड अलर्ट जारी किया जो रविवार तक प्रभावी रहेगा। फिलहाल, खराब मौसम के चलते सभी झरने तैराकी गतिविधि के लिए बंद कर दिए गए हैं। लोग वन विभाग की देखरेख में झरनों का दौरा कर सकते हैं।
तमिलनाडु में भारी बारिश
तमिलनाडु में अगले दो दिनों में कई जिलों में मध्यम बारिश हो सकती है, साथ ही गरज और बिजली गिरने की भी संभावना है। रविवार को दक्षिण और पश्चिम तमिलनाडु के कुछ इलाकों में गरज के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना है। कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, तेनकासी, विरुधुनगर, थेनी, डिंडीगुल, तिरुप्पुर, कोयंबटूर और नीलगिरी में सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है। राज्य के बाकी हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं और बिजली भी चमक सकती है। इरोड, सेलम, धर्मपुरी, कृष्णगिरि, करूर, मदुरै और थूथुकुडी जिलों में हल्की मौसम संबंधी गतिविधियां हो सकती हैं और कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी होने की संभावना है। आरएमसी ने लोगों को चेतावनी दी है कि बिजली गिरने की आशंका वाले समय में बाहर ज्यादा न निकलें। खासकर किसानों और गांव के लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है। इस बारिश से तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में पिछले कुछ हफ्तों से पड़ रही तेज़ गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

मानसून
मानसून सक्रिय
दक्षिण-पश्चिमी मानसून शनिवार को केरल पहुंच गया जो 2009 के बाद से सबसे जल्दी आगमन है। आईएमडी ने बताया कि मानसून 2009 में 23 मई को केरल पहुंचा था। दक्षिण-पश्चिमी मानसून सामान्यतः एक जून तक केरल में प्रवेश करता है और आठ जुलाई तक पूरे देश में पहुंचता है। 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिमी भारत से इसकी वापसी शुरू हो जाती है और 15 अक्टूबर तक पूरी तरह से वापस चला जाता है। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, मानसून दक्षिणी राज्य में पिछले साल 30 मई को, 2023 में आठ जून को, 2022 में 29 मई को, 2021 में तीन जून को, 2020 में एक जून को, 2019 में आठ जून को, और 2018 में 29 मई को आया था।
इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि केरल में मानसून के जल्दी या देर से आने का मतलब यह नहीं है कि यह देश के अन्य हिस्सों में भी उसी तरह पहुंचेगा। यह बड़े पैमाने पर परिवर्तनशीलता और वैश्विक, क्षेत्रीय एवं स्थानीय कारकों से तय होता है। आईएमडी ने अप्रैल में इस साल मानसून में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान जताया था जिससे अल नीनो की स्थिति की संभावना खारिज हो गई। अल नीनो प्रणाली भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम वर्षा से जुड़ी है।
