Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। कई राज्यों में आंधी, बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी है, जबकि कुछ इलाकों में लू और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। मौसम विभाग ने उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम प्रणालियों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में एक गर्त के रूप में लगभग 56° पूर्व देशांतर के अनुदिश, अक्षांश 32° उत्तर के पास स्थित है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों में निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण स्थित है।
दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण स्थित है। वहीं मध्य प्रदेश के दक्षिणी भागों और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण स्थित है। दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के ऊपर स्थित इस चक्रवाती परिसंचरण से लेकर गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल तक निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक गर्त फैला हुआ है। मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में एक अन्य गर्त उत्तर-पूर्वी बिहार से लेकर झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ होते हुए तटीय आंध्र प्रदेश के मध्य भागों तक फैला हुआ है। इसके साथ ही मन्नार की खाड़ी और उससे सटे श्रीलंका में स्थित चक्रवाती परिसंचरण निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर है। इसके प्रभाव से अगले 48 घंटों में दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। पूर्वी दिशा में फैली यह गर्त उत्तरी आंतरिक कर्नाटक से मन्नार की खाड़ी और उससे सटे श्रीलंका पर स्थित चक्रवाती परिसंचरण तक दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु को पार करते हुए समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर चल रही है।
क्या है IMD का पूर्वानुमान?
मौसम विभाग (IMD) की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, 11 से 14 मई 2026 के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 11 और 12 मई को जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 12 और 13 मई को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी राजस्थान और गुजरात में 11 से 14 मई तक, पूर्वी राजस्थान में 11 से 13 मई तक और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 से 14 मई 2026 के बीच कुछ क्षेत्रों में लू चल सकती है। इसके अलावा अगले 7 दिनों के दौरान केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। साथ ही अगले 48 घंटों में दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव क्षेत्र बनने के भी आसार हैं।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली में आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा, जबकि शाम तक घने बादल छाने की संभावना है। शाम और रात के समय हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिसके साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कुछ समय के लिए 50 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती हैं। तापमान की बात करें तो दिल्ली में अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। अधिकांश इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.0 से 2.0 डिग्री अधिक रहने की संभावना है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास या उससे 1.0 से 2.0 डिग्री कम रह सकता है। हवा मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व दिशा से चलेगी। सुबह के समय इसकी गति लगभग 15 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है, दोपहर में यह थोड़ी कम होकर 12 किमी प्रति घंटा से नीचे आ जाएगी। वहीं शाम और रात के दौरान हवा फिर तेज होकर 25 किमी प्रति घंटे से कम गति से दक्षिण-पूर्व दिशा से चलने की संभावना है।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। मई की भीषण गर्मी के बीच अचानक हो रही बारिश और तेज आंधी ने लोगों को कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन मौसम का यह अनिश्चित रुख अब चिंता का कारण भी बन रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। लखनऊ सहित आसपास के जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने बताया है कि 15 मई तक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ आंधी, गरज-चमक और बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही बिजली गिरने (वज्रपात) और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। तेज हवाओं की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे लोगों को सतर्क और सावधान रहने की सलाह दी गई है।
बिहार में कल के मौसम का हाल
बिहार में इस समय प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। राज्य के कई इलाकों में तेज गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश का दौर लगातार जारी है। मौसम में आए इस बदलाव ने भीषण गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ ही मौसम संबंधी जोखिम भी बढ़ गए हैं। मौसम विभाग ने राज्य के 19 जिलों के लिए येलो अलर्ट और 9 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक बिहार का मौसम अस्थिर बना रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि कई क्षेत्रों में तेज गरज-चमक, वज्रपात, तेज हवाएं, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह स्थिति अगले 5 दिनों यानी 14 मई तक बनी रह सकती है।
राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम
राजस्थान में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में 11 से 15 मई 2026 तक अलग-अलग स्थानों पर लू चल सकती है, जबकि पूर्वी राजस्थान में 12 से 15 मई के दौरान हीटवेव की स्थिति बनने के आसार हैं। इसके साथ ही पश्चिमी राजस्थान में 10 से 14 मई तक कुछ इलाकों में गर्म रातें भी दर्ज की जा सकती हैं। वहीं मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि 11 से 14 मई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के साथ राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम में इस बदलाव के चलते लोगों को सतर्क रहने और गर्मी के साथ-साथ तेज आंधी से बचाव करने की सलाह दी गई है।
पंजाब और हरियाणा का मौसम
पंजाब और हरियाणा में भी 11 से 14 मई 2026 के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इन दोनों राज्यों में कई स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी भी दर्ज की जा सकती है, जिससे आने वाले दिनों में गर्मी का असर बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
महाराष्ट्र में कल का मौसम
महाराष्ट्र में अगले दो दिनों तक कई इलाकों में मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिसके साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने के आसार हैं। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं कोंकण और गोवा क्षेत्र में आने वाले दिनों के दौरान गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने की संभावना जताई गई है। लोगों को बदलते मौसम के बीच सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश में ऐसा रहेगा कल का मौसम
मध्य प्रदेश में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 और 13 मई 2026 को लू चलने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा 12 से 15 मई के बीच मध्य भारत में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम और गर्मी को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
पहाड़ी क्षेत्रों का मौसम कैसा रहेगा?
उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में 11 से 14 मई 2026 के दौरान मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 11 और 12 मई को जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 12 और 13 मई को कुछ इलाकों में ओलावृष्टि होने की संभावना है। वहीं उत्तराखंड में 9 और 10 मई को भी हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
हीटवेव का अलर्ट
मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए लू, गर्म रातों और उमस भरे मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में लू चलने की संभावना है। वहीं पूर्वी राजस्थान में 12 से 15 मई के बीच और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 व 13 मई को गर्म हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा गुजरात में 11 से 14 मई तक कई क्षेत्रों में हीट वेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है।मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि 11 से 14 मई के दौरान पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में रात के समय भी गर्मी का असर बना रहेगा और लोगों को गर्म रातों का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही कोंकण और गोवा के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना जताई गई है।
