अफसर पत्नी ज्योति मौर्या से विवाद के बाद देशभर में चर्चा में आए सफाई कर्मी आलोक मौर्या अब राजनीति में कदम रखने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिए हैं कि मौका मिलने पर वे विधानसभा चुनाव भी लड़ सकते हैं। आलोक का कहना है कि वे पुरुष आयोग की मांग और पत्नी पीड़ित लोगों की आवाज उठाने के लिए चुनावी मैदान में उतरने के लिए भी तैयार हैं।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, आलोक मौर्या ने रविवार को बताया कि सोशल मीडिया पर उनके राजनीतिक दल बनाने की चर्चा चल रही हैं, लेकिन अभी उन्होंने कोई पार्टी का गठन नहीं किया है। हालांकि उन्हें 'युवा शक्ति फाउंडेशन' नाम के सामाजिक संगठन का राष्ट्रीय संरक्षक बनाया गया है।
मैं महिलाओं के खिलाफ नहीं हूं - आलोक मौर्या
आलोक ने बताया कि वे राजनीति में प्रवेश के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को और सशक्त करने के लिए काम करना चाहते हैं। इसके साथ ही वे पुरुष आयोग के गठन की मांग को लेकर भी आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में कई पुरुष ऐसे हैं, जो अपनी पत्नी से परेशान हैं और कुछ लोग तनाव में आकर गलत कदम तक उठा रहे हैं। ऐसे में पुरुषों की समस्याओं को सुनने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए पुरुष आयोग का होना जरूरी है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ठ किया कि वह महिलाओं के खिलाफ नहीं हैं, वे सिर्फ उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
5 मई को डिप्टी सीएम से हुई मुलाकात
आलोक मौर्या ने बताया कि उन्होंने 5 मई को यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से भी मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा या कोई अन्य राजनीति पार्टी उन्हें मौका देती है, तो वह प्रयागराज, कौशांबी या प्रतापगढ़ समेत किसी भी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।
प्रयागराज के रहने वाले हैं आलोक
बता दें कि आलोक मौर्या मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में झलवा इलाके के निवासी है। वे सफाईकर्मी का काम करते हैं और फिलहाल प्रतापगढ़ जिले में बिहार ब्लॉक के गोगौर गांव में तैनात हैं। उनकी पत्नी ज्योति मौर्या एसडीएम के पद पर कार्यरत हैं। दोनों के बीच विवाद सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया और खबरों में काफी चर्चा में रहा था।
