जयपुर

कोटा में स्टूडेंट्स के सुसाइड रोकने के लिए प्लानः पंखे में लगेगा सायरन वाला खास उपकरण, जानिए कैसे बचाएगा जान

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Aug 18, 2023, 06:50 PM IST

Suicide in Kota: इस बीच, एक्सपर्ट्स इस पर अनिश्चित हैं कि सुसाइड से रोकने के लिए इस तरह के पंखे तनावग्रस्त छात्रों की कितनी मदद करेंगे, जबकि इस महीने जिला प्रशासन ने निर्णय लिया कि छात्रों का समय-समय पर मनोवैज्ञानिक परीक्षण कराया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि क्या वे जोखिम में हैं।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

Suicide in Kota: राजस्थान के सबसे बड़े कोचिंग हब कोटा में स्टूडेंट्स के सुसाइड के बढ़ते मामलों (खासकर पंखे से फंदा लगाकर या लटककर) को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने अजब पहल की है। चिंतित कोटा प्रशासन की ओर से छात्रावासों को कमरों के सीलिंग फैन्स (छत के पंखों) में खास स्प्रिंग वाला उपकरण लगाने का आदेश दिया है।

शुक्रवार (18 अगस्त, 2023) को अधिकारियों ने इस बारे में समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि इस साल अब तक (खबर लिखे जाने तक) कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले 20 छात्र आत्महत्या कर चुके हैं, जबकि पिछले साल (2022 में) 15 छात्रों ने आत्महत्या की थी।

"नहीं हुआ पालन तब होगा सख्त ऐक्शन"

दरअसल, अफसरों और बाकी हितधारकों के बीच 12 अगस्त, 2023 को मीटिंग हुई थी, जिसमें ‘‘आत्महत्या रोधी कदमों’’ पर चर्चा हुई। आगे 16 अगस्त को उपायुक्त ओ पी बुनकर ने निर्देश जारी कर सख्ती से इसका पालन कराने का निर्देश दिया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि अगर पंखे संबंधी निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो हॉस्टल मालिकों और उनके प्रबंधन के खिलाफ सख्त ऐक्शन होगा।

एक नजर में जानिएः क्या है यह उपकरणसीलिंग फैन से अगर 20 किलो से अधिक वजन की कोई चीज लटका दी जाए तब उसमें लगी स्प्रिंग फैल जाता है, जिससे किसी के लिए इस तरह से आत्महत्या करना असंभव हो जाता है। यही नहीं, उस दौरान सायरन भी बजने लगता है, ताकि और लोग इस बाबत अलर्ट हो जाएं।

पहले भी प्लान पर हुआ था मंथन पर...वैसे, कोटा हॉस्टल एसोसिएशन ने 2017 में इस उपाय पर विचार-विमर्श किया था, पर शहर में अनुमानित रूप से 25,000 पेइंग गेस्ट (पीजी) सुविधाओं के चलते इसे लोकप्रियता नहीं मिली। चूंकि, कोटा में देश भर से हजारों छात्र हर साल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग सेंटर में दाखिला लेते हैं।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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