जयपुर

Rajasthan Weather : राजस्थान में गर्मी बरपाएगी कहर, लू के थपेड़ों से पारा पहुंचा 45 डिग्री पार

Rajasthan Weather : राजस्थान के अनेक इलाकों में बुधवार से गर्मी फिर जोर पकड़ेगी और मौसम विभाग ने कई जगह लू चलने की चेतावनी जारी की है।

Image

राजस्थान का मौसम

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Rajasthan Weather : देशभर में इन दिनों गर्मी का कहर है। खासकर, दक्षिण से लेकर उत्तर भारत तक लू के थपेड़ों ने हालत खराब कर रखी है। उधर, मुंबई में चक्रवाती तूफान ने कहर बरपाया तो उसका असर गुजरात के मौसम पर भी पड़ रहा है। इधर, रेगिस्तान की रेत आग उगल रही है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार जोधपुर, बीकानेर संभाग में 15-16 मई को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने तथा लू चलने और 17-18 मई को पश्चिम राजस्थान में तीव्र लू चलने की संभावना है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर

पश्चिमी विक्षोभ के असर से राज्य के कई हिस्सों में बारिश व आंधी चलने से पिछले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान कम हुआ और लोगों को गर्मी से राहत मिली थी। केंद्र के अनुसार उदयपुर, कोटा, जोधपुर संभाग के कुछ भागों में मंगलवार को भी तेज गर्जना के साथ आंधी, बारिश व कहीं-कहीं वज्रपात होने की संभावना है। आंधी बारिश की गतिविधियां 15 मई से कम होंगी जबकि 16 मई से राज्य के अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने तथा तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है।

दिल्ली में ऐसा है मौसम

वहीं, दिल्ली में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत तापमान से एक डिग्री कम है। सुबह साढ़े आठ बजे सापेक्षिक आर्द्रता 55 प्रतिशत दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिन में आसमान साफ रहने का अनुमान जताया है। राजधानी में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

(इनपुट -भाषा)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article