PM Modi in Rajasthan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि देश में कुछ लोग इतनी नकारात्मकता से भरे हैं कि वह कुछ भी अच्छा होता देखना नहीं चाहते और जो लोग कदम कदम पर हर चीज वोट के तराजू से तोलते हैं वे कभी देश के भविष्य को ध्यान में रखकर योजना नहीं बना पाते। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत सरकार, राज्य के विकास से देश के विकास के मंत्र पर विश्वास करती है। प्रधानमंत्री राजसमंद के नाथद्वारा में विभिन्न योजनाओं के शिलान्यास व उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजस्थान में 5,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उदघाटन किया।
5500 करोड़ रुपये की सौगात
पीएम मोदी ने कहा, आज मैंने 5500 करोड़ रुपये से अधिक की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है। मैं इन विकास परियोजनाओं के लिए राजस्थान के लोगों को बधाई देता हूं। हमारी सरकार राजस्थान में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा, अगर पहले पर्याप्त मेडिकल कॉलेज बन जाते तो हमें डॉक्टरों की कमी का सामना नहीं करना पड़ता। हर घर को पानी मिलता तो हमें 3.5 लाख करोड़ रुपये का जल जीवन मिशन शुरू नहीं करना पड़ता। नकारात्मक लोगों के पास दूरदृष्टि नहीं होती और वे अपने राजनीतिक हितों से परे नहीं सोच सकते।
पीएम मोदी ने कहा, कुछ लोग इतनी नकारात्मकता से भरे होते हैं कि उन्हें देश में कुछ भी अच्छा होता दिखाई नहीं देता। उन्हें केवल विवाद पैदा करना पसंद है। आपने कुछ लोगों को 'आता पहले या दाता पहले' कहते सुना होगा, लेकिन इतिहास गवाह है कि तेज गति से विकास के लिए बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी जरूरी है।
मोदी ने किसी का नाम लिए बिना कहा, हमारे देश में कुछ लोग ऐसी विकृत विचारधारा के शिकार हो चुके हैं, इतनी नकारात्मकता से भरे हुए हैं कि देश में कुछ भी अच्छा होता हुआ वह देखना ही नहीं चाहते और उन्हें सिर्फ विवाद खड़ा करना ही अच्छा लगता है। मोदी ने कहा, आपने कुछ सुना होगा, जैसे कुछ लोग उपदेश देते हैं कि आटा पहले या डाटा पहले, सड़क पहले या सैटेलाइट पहले। लेकिन इतिहास गवाह है कि स्थाई विकास के लिए, तेज विकास के लिए मूल व्यवस्थाओं के साथ ही आधुनिक अवसंरचना बनाना भी जरूरी होता है।
हर चीज वोट के तराजू से नहीं तोलनी चाहिए
उन्होंने कहा कि जो लोग कदम-कदम पर हर चीज वोट के तराजू से तोलते हैं वे कभी देश के भविष्य को ध्यान में रखकर योजना नहीं बना पाते। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे देश में इसी सोच की वजह से अवसंरचना के निर्माण को प्राथमिकता नहीं दी गई। इसका बहुत नुकसान देश ने उठाया है। अगर पहले ही पर्याप्त संख्या में मेडिकल कॉलेज बन गए होते तो देश में डॉक्टरों की इतनी कमी नहीं होती।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार राज्य के विकास से, देश के विकास के मंत्र पर विश्वास करती है। उन्होंने कहा रि राजस्थान, देश के सबसे बड़े राज्यों में से एक है, राजस्थान भारत के शौर्य, भारत की धरोहर, भारत की संस्कृति का वाहक है। राजस्थान जितना विकसित होगा, भारत के विकास को उतनी ही गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार आज गांवों तक सड़क पहुंचाने के साथ ही, शहरों को भी आधुनिक राजमार्गों से जोड़ने में जुटी है। कार्यक्रम में राज्यपाल कलराज मिश्र, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद थे।
आतंकियों के खिलाफ नरम रुख अपना रही है राजस्थान की कांग्रेस सरकार
वहीं, आबूरोड में हुई जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण की नीति और आतंकवादियों के खिलाफ नरम रूख अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी ने दशकों तक जिस प्रकार की राजनीति की है उसमें दलित, पिछड़े एवं आदिवासी समाज का सबसे अधिक अहित हुआ है। इसके साथ ही मोदी ने राजस्थान में कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यहां मुख्यमंत्री को अपने विधायकों पर और विधायकों को अपने मुख्यमंत्री पर भी भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से राजस्थान में राजनीतिक लड़ाई का भद्दा रूप देखा गया है।
जयपुर शहर में 2008 में हुए सीरियल बम धमाकों का जिक्र करते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने मामले में मजबूती से पैरवी नहीं की जिससे आरोपी बरी हो गए। इन धमाकों में 71 लोगों की जान चली गई थी और 185 अन्य घायल हो गए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासन में राजस्थान में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान कांग्रेस चाहती थी कि अधिक से अधिक लोग मरें, ताकि उन्हें उनकी गर्दन पकड़ने का मौका मिल सके। पीएम मोदी ने कहा, लेकिन मोदी इन लोगों की धमकियों और साजिशों के आगे न झुका है, न झुकेगा। अगर, मोदी झुकता है तो इन 140 करोड़ देशवासियों के सामने झुकता है। आप ही मेरे मालिक हैं।
जयपुर के सिलसिलेवार बम धमाकों के चार आरोपियों को उच्च न्यायालय द्वारा बरी किए जाने का जिक्र करते हुए मोदी ने राज्य सरकार पर मामले में मजबूती से पैरवी नहीं करने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री ने कहा, दो दिन बाद 13 मई को जयपुर बम धमाकों की बरसी है। जयपुर धमाका कर आतंकियों ने हमसे अनेक परिजन छीन लिए, आज भी उनके परिवार इस उम्मीद के साथ जी रहे हैं कि एक न एक दिन उन्हें न्याय मिलेगा लेकिन कांग्रेस सरकार ने वही किया, जिसके लिए वह कुख्यात रही है, उसका इतिहास-कारनामे कुख्यात रहे हैं।'
उन्होंने कहा, कांग्रेस ने तुष्टिकरण के लिए हमेशा आतंकियों पर नरम रुख अपनाया है, कांग्रेस आतंकी विचारधारा के साथ खड़ा होने का कोई मौका नहीं चूकती है। इसी सोच की वजह से राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने जयपुर बम धमाके के केस में कमजोर पैरवी की, इसके कारण धमाकों के आरोपी छूट गए। कांग्रेस अब लीपापोती की चाहे जितनी कोशिश करे, लेकिन उसकी सच्चाई पूरे देश के सामने आ चुकी है।
कानून-व्यवस्था के मामले में राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, कांग्रेस शासन में, राजस्थान में कानून-व्यवस्था पूरी तरह तबाह हो चुकी है। जिस राजस्थान में गंभीर अपराध सुनने में कम ही आते थे, वहां अब अपराधी बेखौफ होकर घूम रहे हैं और अपने वोट बैंक की गुलामी कर रही कांग्रेस कुछ लोगों की तुष्टिकरण करने के लिए कार्रवाई करने से भी डर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के इस रवैये की सबसे बड़ी कीमत राजस्थान की माताओं, बहनों और बेटियों का चुकानी पड़ी है। राजस्थान में महिलाओं से जुड़े अपराध चरम पर हैं। यहां तीज-त्योहार भी शंका-आशंका के बीच मनाने पड़ते हैं।
उन्होंने कहा, कांग्रेस ने दशकों तक जिस प्रकार की राजनीति की उसमें दलित, पिछड़े एवं आदिवासी समाज का सबसे अधिक अहित हुआ है। आदिवासी समाज ने तो वर्षों तक कांग्रेस पर भरोसा किया, लेकिन क्या मिला। सिर्फ अभाव, असुविधा और अवसरहीनता। सिरोही, जैसलमेर, करौली, बारां हो, इन जिलों में कांग्रेस के कुशासन के कारण विकास नहीं हुआ। कांग्रेस ने जिलों को पिछड़ा घोषित कर पल्ला झाड़ लिया था।
राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच जारी खींचतान पर कटाक्ष करते हुए मोदी ने कहा, कांग्रेस की स्वार्थ की राजनीति का परिणाम राजस्थान को भी उठाना पड़ रहा है। आप पिछले पांच वर्षों से राजस्थान में राजस्थान में राजनीतिक लड़ाई का भद्दा रूप देख रहे हैं। जनता के हित के बजाय यहां कुर्सी लूटने और कुर्सी बचाने का ही खेल चल रहा है। यह कैसी सरकार है जहां मुख्यमंत्री को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है, यह कैसी सरकार है जहां विधायकों को अपने मुख्यमंत्री पर भी भरोसा नहीं है। सरकार के भीतर सब एक दूसरे को अपमानित करने की होड़ लगाए बैठे हैं।
