जयपुर

Jaipur: रिहायशी इलाकों में लगातार दूसरे दिन दिखा तेंदुआ, लोगों में मचा हड़कंप; वन विभाग ने जारी की चेतावनी

जयपुर के शास्त्री नगर और आसपास के इलाकों में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन तेंदुआ देखा गया, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया। शहर के रिहायशी क्षेत्रों में हाल ही में तेंदुओं की बार-बार मौजूदगी दर्ज की गई है। वन विभाग ने स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और अपने घरों में ही सुरक्षित रहने की सलाह दी है।

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जयपुर के रिहायशी इलाकों में लगातार दूसरे दिन देखा तेंदुआ (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)

Jaipur News: जयपुर के शास्त्री नगर और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन एक तेंदुआ देखा गया, जिससे स्थानीय लोग डर के साए में रहे। अधिकारियों के अनुसार, शहर के रिहायशी इलाकों में हाल ही में तेंदुए की कई झलकियां सामने आई हैं। सीसीटीवी फुटेज में बुधवार रात को कल्याण कॉलोनी में तेंदुआ सड़क पार करते और सीकर हाउस क्षेत्र में किसी घर की छत पर नजर आता दिखाई दिया। इस घटना के बाद लोग अपने घरों में सुरक्षित रहे। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह नजर नहीं आया।

अधिकारियों के अनुसार, तेंदुए का फुटेज सामने आने के तुरंत बाद वन विभाग ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया। तेंदुए को स्वर्ण जयंती पार्क के पास देखा गया, और संभावना जताई जा रही है कि यह पास के नाहरगढ़ जंगल से रिहायशी इलाकों में आया होगा। एक दिन पहले विद्याधर नगर में भी तेंदुआ देखा गया था, जिसने कथित तौर पर एक बछड़े का शिकार किया। उसके बाद तेंदुए को पानीपेच इलाके में देखा गया। एक अधिकारी ने बताया, "आज फिर तेंदुआ दिखा, यह साफ संकेत है कि वह आबादी वाले क्षेत्रों में घूम रहा है। हमने उसके पगनिशान पाए हैं, लेकिन अभी तक उसे पकड़ना संभव नहीं हुआ।"

स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी

अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने के लिए चेतावनी दी है और उन्हें अपने घरों में ही रहने की सलाह दी है। विद्याधर नगर के निवासियों का कहना है कि मंगलवार रात को इलाके में कुत्ते लगातार भौंक रहे थे और अगले दिन सुबह एक बछड़ा मृत मिला। इस बीच, इलाके के सीसीटीवी फुटेज में तेंदुए की गतिविधियां कैद हुईं। शास्त्री नगर के विजय खंडेलवाल ने बताया, "तेंदुआ इलाके में दिखने की खबर ने लोगों में डर पैदा कर दिया है। बाहर निकलना खतरनाक है, इसलिए अधिकांश लोग घरों के अंदर ही रह रहे हैं। कोई नहीं जानता तेंदुआ कहां छिपा हो सकता है, वह किसी भी घर में हो सकता है।" उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह जयपुर के सिविल लाइंस जैसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में भी एक तेंदुआ देखा गया था।

कहां दिखा था तेंदुआ पहली बार?

तेंदुआ पहले एक मंत्री के बंगले और बाद में एक स्कूल के परिसर में भी देखा गया। जयपुर शहर के पास झालाना और नाहरगढ़ के जंगल तेंदुओं के प्रमुख ठिकानों में शामिल हैं। वन अधिकारियों के अनुसार, शहर की सीमाओं के पास इन जंगलों में कई तेंदुए रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी इलाकों में तेंदुए बार-बार दिखाई देने के पीछे उनकी बढ़ती संख्या, जंगल में शिकार के अवसरों की कमी और शहर का विस्तार मुख्य कारण हैं। जंगल के किनारे स्थित इलाकों जैसे मालवीय नगर, जगतपुरा, विद्याधर नगर, शास्त्री नगर और जयसिंहपुरा में तेंदुए की मौजूदगी की खबरें नियमित रूप से आती रहती हैं। इससे पहले राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर और स्मृति वन में भी तेंदुए देखे गए थे, जिसके चलते सुरक्षा के लिहाज से इन्हें कई दिनों के लिए बंद कर दिया गया था। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "आवारा जानवरों की तलाश में तेंदुए अक्सर रिहायशी क्षेत्रों के पास दिखाई देते हैं।" विभाग ने लोगों से सावधान रहने और सुबह के समय अकेले बाहर न निकलने की अपील की है।

(इनपुट - भाषा)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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