Gajendra Singh Shekhawat: राजस्थान में लगातार सियासी माहौल के बीच एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। जाहिर सी बात है चुनाव नजदीक आ रहा है। ऐसे में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में घिरे हुए है। वहीं, इस बार उन्होंने नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री के मर्दानगी वाले बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि ऐसे मंत्रियों को अरब सागर में फेंक देना चाहिए। हालांकि आगे उन्होंने 100 यूनिट फ्री बिजली के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि राजस्थान की जनता के जमीर को खरीदा नहीं जा सकता।
'आज भी मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं'
दरअसल, नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल (Shanti Dhariwal) ने मार्च-2022 में विधानसभा में रेप के आंकड़ों से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि 'वैसे भी राजस्थान मर्दों का प्रदेश है।' जिस पर रविवार देर रात हुई सभा में गजेंद्र सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि 'राजस्थान मर्दों का प्रदेश है, लेकिन राजस्थान के मर्दों पर कालिख पोतने का काम किया गया है। शर्म की बात है कि वो आज भी मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं। हालांकि उन्होंने यह सब बातें बिना नाम लिए कहा था।'
'ये राजस्थान की मर्दानगी का अपमान है'
आगे उन्होंने यह भी कहा कि 'आज भी मंत्री पद पर हैं। ऐसा व्यक्ति, जिसको उठाकर बाहर फेंक देना चाहिए। अरब सागर में फेंक देना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि 'ये राजस्थान की मर्दानगी का अपमान है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की मर्दानगी महाराणा प्रताप से है, वीर दुर्गादास से है।' वहीं, उसने 100 यूनिट फ्री बिजली पर पलटवार करते हुए कहा कि '100 यूनिट बिजली के नाम पर राजस्थान की जनता का जमीर खरीदा नहीं जा सकता। क्या सौ यूनिट बिजली के पीछे आप बिक जाएंगे?'
