गुरुग्राम

Gurugram: अंतिम संस्कार के बाद चौंकाने वाला ट्विस्ट; मृत समझा गया ठेकेदार लौटा घर; परिवार और पुलिस दोनों हैरान

हरियाणा के गुरुग्राम में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब 47 वर्षीय श्रमिक ठेकेदार पूजन प्रसाद को मृत समझकर परिवार ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। लेकिन अगले ही दिन वह जिंदा घर लौट आया। पुलिस ने शव के डीएनए नमूने सुरक्षित कर लिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है।

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परिवार द्वारा मृत घोषित किया गया व्यक्ति जीवित घर लौटा (प्रतीकात्मक फोटो: iStock)

Photo : iStock

Gurugram Man Mistaken Dead: हरियाणा के गुरुग्राम से एक अजब-गजब मामला सामने आया है, जहां 47 वर्षीय श्रमिक ठेकेदार के परिवार ने गलती से उसकी ही लाश को पहचान कर अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन अगले दिन ठेकेदार जिंदा घर लौट आया। पुलिस ने शनिवार को बताया कि जिस शव का अंतिम संस्कार हुआ, उसके डीएनए नमूने सुरक्षित कर लिए गए हैं और इनका इस्तेमाल उस व्यक्ति की पहचान के लिए किया जाएगा। इस घटना के संबंध में गुरुग्राम के सेक्टर-37 थाना में हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

पूजन एक सप्ताह तक नहीं लौटा घर

पुलिस के अनुसार, पूजन प्रसाद नामक श्रमिक ठेकेदार अपनी पत्नी और तीन बेटों के साथ मोहम्मदपुर झाड़सा गांव में रहते हैं। पूजन एक सप्ताह तक घर नहीं लौटे, जिसके बाद उनके बेटे संदीप कुमार ने 1 सितंबर को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि भ्रम 28 अगस्त से शुरू हुआ, जब सेक्टर-37 थाना क्षेत्र के एक खाली गोदाम के पास एक सिर कटी लाश मिली। संदीप और परिवार के अन्य सदस्य शवगृह पहुंचे, जहां संदीप ने अपने पिता के दाहिने पैर पर चोट के निशान देखकर शव की पहचान की।

परिवार को हुआ मौत का यकीन

अधिकारी ने बताया कि मृतक ने पूजन जैसी कमीज और पतलून पहनी थी। संदीप ने पुलिस को बताया कि यह उनके पिता का शव है और उन्होंने परिवार को भी इसकी जानकारी दी। परिवार को यकीन हो गया कि पूजन की मौत हो चुकी है और मंगलवार को पटौदी रोड स्थित राम बाग श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। पूजन के बेटों ने ही शव का अंतिम संस्कार किया। हालांकि, बुधवार को जब उनके बेटे यमुना में अस्थियां विसर्जित करने जा रहे थे, तो उन्हें मामा राहुल प्रसाद का फोन आया, जिसमें बताया गया कि उन्होंने पूजन को खांडसा चौक पर देखा है।

जिंदा लौटने सब हैरान

राहुल ने पूजन को ऑटो में अपने घर पहुंचाया और परिवार को इसकी जानकारी दी। जब संदीप और उनका बड़ा भाई अमन लौटे, तो उन्होंने अपने पिता को घर पर बैठे पाया। पूजन के अचानक घर लौटने से परिवार तो हैरान रह गया, वहीं जांचकर्ताओं के सामने भी उस व्यक्ति की पहचान को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया, जिसका अंतिम संस्कार किया गया था। सेक्टर-37 पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक शाहिद अहमद ने बताया, “यह लापता व्यक्ति के परिवार की मानवीय भूल थी, लेकिन हम उस व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं जिसका अंतिम संस्कार किया गया। प्रक्रिया के अनुसार, शव के डीएनए नमूने सुरक्षित रख लिए गए हैं और उनका उपयोग मृतक की पहचान के लिए किया जाएगा। मामले की विस्तृत जांच जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही सच सामने आ जाएगा।”

(इनपुट - भाषा)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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