गुरुग्राम

गुरुग्राम में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का 'आक्रमण-5', 24 घंटे में 358 गिरफ्तार

  • Edited by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 27, 2023, 02:23 PM IST

पुलिस ने अपने विशेष अभियान के दौरान अवैध हथियार रखने के आरोप में 19 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इनके खिलाफ कुल 18 मामले दर्ज किये गये। पुलिस ने बताया, अपराधियों के कब्जे से 18 पिस्टल और 11 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।

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गुरुग्राम पुलिस ने 358 अपराधिकयों को किया गिरफ्तार

Photo : iStock

Gurugram Police: गुरुग्राम पुलिस ने जिले भर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष अभियान आक्रमण-5 शुरू किया है। इसके तहत पुलिस ने 24 घंटे के भीतर 358 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया, अपराधियों की धरपकड़ के लिए 833 पुलिसकर्मियों सहित 217 विशेष टीमों ने शहर में कई जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान अपराधियों को दबोचा गया। पुलिस ने बताया, जिन अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है, उनके खिलाफ विभिन्न थानों में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 94 मामले दर्ज हैं।

इन अपराधियों की हुई गिरफ्तारी

पुलिस ने अपने विशेष अभियान के दौरान अवैध हथियार रखने के आरोप में 19 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इनके खिलाफ कुल 18 मामले दर्ज किये गये। पुलिस ने बताया, अपराधियों के कब्जे से 18 पिस्टल और 11 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। इसके अलावा अवैध शराब रखने व बेचने के 51 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया, इनके पास से 2,735 शराब की बोतलें और 373 बीयर की बोतलें जब्त की गईं। वहीं, मादक पदार्थ रखने के आरोपी तेरह लोगों को गिरफ्तार किया गया और 9 किलो से अधिक गांजा बरामद किया गया। जुआ में लिप्त लोगों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत नौ मामले दर्ज किए हैं। उनके कब्जे से 16,910 रुपये बरामद किए गए। इसके साथ ही विशेष अभियान के दौरान कुल 83 घोषित अपराधियों व बेल जम्परों को गिरफ्तार किया गया।

हत्या, लूट के आरोपी भी गिरफ्तार

पुलिस ने हत्या के मामले में एक वांछित अपराधी को गिरफ्तार किया है। इसके आलवा लूट के ममाले में तीन, अपहरण के भी मामले में फरार चल रहे तीन व पॉक्सो एक्ट में ही चार गिरफ्तारियां की गई हैं। पुलिस ने अन्य सामानों के साथ 3.35 लाख रुपये, 84 मोबाइल फोन और नौ दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। डीसीपी (अपराध) विजय प्रताप सिंह ने कहा, हरियाणा पुलिस प्रभावी पुलिसिंग के लिए समय-समय पर इस तरह के अभियान चलाएगी। इस अभियान से पुलिस को अपराधों पर अंकुश लगाने और अपराधियों को पकड़ने में भी मदद मिलेगी।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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