ग्रेटर नोएडा वेस्ट एक समय सपनों का शहर था। दिल्ली की भीड़-भाड़ से बचने के लिए लोगों ने यहां का रुख किया। उस समय सरकार ने लोगों को यहां लाने के लिए कोशिशें कीं। तमाम बिल्डरों ने इसे नोएडा एक्सटेंशन बताकर लोगों को लुभाया। ग्रेटर नोएडा ईस्ट की दूरी ज्यादा होने की वजह से लोगों को नोएडा एक्टेंशन काफी करीब लगा। लेकिन सपना उड़ गया। आज हकीकत यह है कि यहां परेशानियों का अंबार है। यही वजह है कि लोग इस नए-नवेले शहर को 'नोएडा एक-टेंशन' कहने लगे हैं। सड़कों पर ट्रैफिक जाम का कोई ठिकाना नहीं, ऊपर से जो काम कराए जाते हैं, उनसे आम जनता की समस्याएं और बढ़ा दी जाती हैं।
ताजा मामला ही देख लीजिए। एक तरफ चार मूर्ति चौक को खोद दिया गया है, ताकि यहां पर अंडरपास बनाया जा सके। बेरिकेंडिंग की गई है और धूल को ढकने की कोई व्यवस्था यहां पर दिखती नहीं है। ऐसे में हल्की सी हवा चलने पर भी यहां पर धूल का गुबार लोगों को परेशान करता है। अब सूरजपुर से चार मूर्ति की ओर आने वाली सड़क को चौड़ा करने का काम किया जा रहा है। इसके लिए डिवाइडर के एक लंबे हिस्से को तोड़ दिया गया है, ताकि डिवाइडर के बीच में मौजूद जमीन पर सड़क बिछायी जा सके।
लेकिन जिस तरह से डिवाइडर की दीवार को तोड़ा गया है, वह हादसों को न्योता दे रहा है। डिवाइडर को तोड़ने के बाद उसके मलबे को वहीं पर छोड़ दिया गया है। यही नहीं डिवाइडर बनाने के लिए जो लोहे के सरिए इस्तेमाल किए गए थे, उन्हें भी वहीं पर बिना काटे छोड़ दिया गया है। आड़े-टेड़े यह सरिए सड़क की तरफ मुंह उठाए वहां खड़े हैं। मानो कह रहे हों आओ तुम्हें घायल करें।
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खासतौर पर सुबह के समय और वीकेंड पर यहां पर ट्रैफिक का दबाव काफी ज्यादा होता है। ऐसे में कोई भी इन सरियों से घायल हो सकता है। पहले से ही सड़क पर जाम से जूझ रहे लोगों का इन सरियों की वजह से घायल होने का खतरा लगातार बना हुआ है। काम करवाने वाली एजेंसियों से गुजारिश है कि काम करवा रहे हैं तो लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। अब भी देर नहीं हुई, किसी दुर्घटना से पहले इन सरियों को काटकर और मलबे को यहां से हटा दें।
