शहर

बेटी की उठनी थी डोली...आग के तांडव से उजड़ा पिता का संसार! गांव वालों ने जो किया वो...

उत्तर प्रदेश के हरदोई में शादी वाले घर में आग लगने से सबकुछ जलकर राख हो गया। सब कुछ जल जाने के बाद पीड़ित परिवार पूरी तरह टूट चुका था, लेकिन उमरापुर के ग्रामीणों ने मिसाल पेश की। गांव वालों ने तत्काल आपस में चंदा एकत्रित किया और देखते ही देखते फिर से बारात के लिए भोजन और स्वागत की व्यवस्था खड़ी कर दी।

Image

हरदोई में आग की घटना

हरदोई में इंसानियत और हौसले की ऐसी मिसाल शायद ही कहीं देखने को मिले, जैसी बघौली थाना क्षेत्र के ग्राम उमरापुर में देखने को मिली। जहां एक ओर आग की लपटों ने एक गरीब पिता के अरमानों को जलाकर खाक कर दिया, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों ने अपनी एकजुटता से प्रशासन की नाकामी पर जोरदार तमाचा जड़ते हुए बेटी की डोली उठने से पहले उसकी खुशियों को राख होने से बचा लिया।

दरअसल, जानकारी के अनुसार, ग्राम उमरापुर निवासी जय नारायण की पुत्री रंजना प्रजापति की बारात आनी थी। घर में हंसी-खुशी का माहौल था और बारात के स्वागत के लिए भोजन तैयार किया जा रहा था। तभी अचानक चूल्हे की चिंगारी ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपनी आगोश में ले लिया। आग इतनी भयानक थी कि घर में रखा अनाज, कपड़े, जेवर और बेटी की शादी का सारा सामान जलकर राख हो गया।

इस आपदा के समय ग्रामीणों ने तत्काल सरकारी तंत्र और दमकल विभाग को सूचना दी, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी कोई मदद मौके पर नहीं पहुंची। प्रशासन की इस बेरुखी ने ग्रामीणों के आक्रोश को और भड़का दिया। जब सरकारी सिस्टम ने हाथ खड़े कर दिए, तब गांव वालों ने खुद मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

ग्रामीणों ने मिसाल पेश की

सब कुछ जल जाने के बाद पीड़ित परिवार पूरी तरह टूट चुका था, लेकिन उमरापुर के ग्रामीणों ने मिसाल पेश की। गांव वालों ने तत्काल आपस में चंदा एकत्रित किया और देखते ही देखते फिर से बारात के लिए भोजन और स्वागत की व्यवस्था खड़ी कर दी। ग्रामीणों की इस एकजुटता ने न केवल जय नारायण की बेटी की विदाई सुनिश्चित की, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि जब सरकारी तंत्र सो जाता है, तब समाज ही एक-दूसरे का सहारा बनता है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article