हरदोई में इंसानियत और हौसले की ऐसी मिसाल शायद ही कहीं देखने को मिले, जैसी बघौली थाना क्षेत्र के ग्राम उमरापुर में देखने को मिली। जहां एक ओर आग की लपटों ने एक गरीब पिता के अरमानों को जलाकर खाक कर दिया, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों ने अपनी एकजुटता से प्रशासन की नाकामी पर जोरदार तमाचा जड़ते हुए बेटी की डोली उठने से पहले उसकी खुशियों को राख होने से बचा लिया।
दरअसल, जानकारी के अनुसार, ग्राम उमरापुर निवासी जय नारायण की पुत्री रंजना प्रजापति की बारात आनी थी। घर में हंसी-खुशी का माहौल था और बारात के स्वागत के लिए भोजन तैयार किया जा रहा था। तभी अचानक चूल्हे की चिंगारी ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपनी आगोश में ले लिया। आग इतनी भयानक थी कि घर में रखा अनाज, कपड़े, जेवर और बेटी की शादी का सारा सामान जलकर राख हो गया।
इस आपदा के समय ग्रामीणों ने तत्काल सरकारी तंत्र और दमकल विभाग को सूचना दी, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी कोई मदद मौके पर नहीं पहुंची। प्रशासन की इस बेरुखी ने ग्रामीणों के आक्रोश को और भड़का दिया। जब सरकारी सिस्टम ने हाथ खड़े कर दिए, तब गांव वालों ने खुद मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
ग्रामीणों ने मिसाल पेश की
सब कुछ जल जाने के बाद पीड़ित परिवार पूरी तरह टूट चुका था, लेकिन उमरापुर के ग्रामीणों ने मिसाल पेश की। गांव वालों ने तत्काल आपस में चंदा एकत्रित किया और देखते ही देखते फिर से बारात के लिए भोजन और स्वागत की व्यवस्था खड़ी कर दी। ग्रामीणों की इस एकजुटता ने न केवल जय नारायण की बेटी की विदाई सुनिश्चित की, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि जब सरकारी तंत्र सो जाता है, तब समाज ही एक-दूसरे का सहारा बनता है।
