शहर

Mathura News : बेमौसम बारिश ने तोड़ा दिल! हार्ट अटैक से किसान की मौत; भाकियू ने रखी ये डिमांड

यूपी के मथुरा में आंधी, बारिश व ओला वृष्टि से गेहूं की फसल में बहुत नुकसान हुआ है, जिससे एक किसान को सदमा लगा और हार्ट अटैक आने से उसकी मौत हो गई।

Image

(सांकेतिक फोटो-Istock)

मथुरा : जिले की मांट तहसील क्षेत्र के प्रेम नगर गांव में मंगलवार को कथित रूप से बेमौसम बारिश से फसल बरबाद होने के सदमे के कारण दिल का दौरा पड़ने से एक किसान की मौत हो गयी। किसान संगठन के एक पदाधिकारी ने इसकी जानकारी दी। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने शासन-प्रशासन से किसान के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।

भाकियू की जिलाध्यक्ष मीरा सिंह ने बताया कि बुधवार को मांट थाना क्षेत्र के प्रेमनगर गांव में बेमौसम बारिश से फसल की बरबादी देख कर सदमे में आये किसान हीरालाल को दिल का दौरा पड़ गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

परिवार को मुआवजे देने की मांग

उन्होंने बताया कि उनकी सूचना पर मौका मुआयना करने पहुंचीं नायब तहसीलदार रूबी यादव से मृत किसान के परिवार को सहायता दिलाए जाने की मांग की गई। मांट की उप जिलाधिकारी ऋतु सिरोही ने बताया कि किसान की मौत होने की सूचना प्राप्त हुई थी, लेकिन परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराए बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि फिर भी प्रयास किए जाएंगे कि प्रशासन की तरफ़ से जो भी मदद मृतक के परिवार को मिल सकती है, वह मिल जाए।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में जिले में आंधी, बारिश व ओला वृष्टि से गेहूं की फसल में बहुत नुकसान हुआ है जिससे किसानों में गहरी निराशा व्याप्त है। दूसरी ओर, जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने कहा है कि जिन किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है वे फसल बीमा के अनुसार तय समय में दावा पेश करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन भी अपनी ओर से लगातार नुकसान का सर्वे कराकर शासन को रिपोर्ट भेज रहा है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article