Delhi News: रविवार देर रात से ही दिल्ली-एनसीआर पर बादल मेहरबान हैं। झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट देखने को मिली है। आज यानी सोमवार 12 अक्टूबर की सुबह भी कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। बारिश के कारण सुबह लोगों को ऑफिस जाने में और बच्चों को स्कूल जाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में जलभराव के चलते भी परेशानियां बढ़ गईं। इस बीच एक अच्छी खबर ये है कि झमाझम बारिश के चलते दिल्ली की हवा भी काफी हद तक साफ ह गई है। हालांकि, यहां कि हवा में हानिकारक प्रदूषक अब भी मौजूद हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों के मुकाबले हवा की गुणवत्ता में सुधार जरूर हुआ है।
बारिश के बाद हवा की गुणवत्ता में सुधार के बावजूद राजधानी नई दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर चिंता का विषय बना हुआ है। aqi.in के उपलब्ध एयर क्वालिटी डेटा के मुताबिक, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 104 दर्ज किया गया है। बता दें कि AQI का यह स्तर 'खराब' (Poor) श्रेणी में आता है। वहीं, वैश्विक स्तर पर सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में नई दिल्ली को 303वां स्थान दिया गया है।
हालांकि, शहर में मौजूद अलग-अलग प्रदूषकों का स्तर एक जैसा नहीं है। aqi.in के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, ओजोन (O₃), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂), सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और PM10 का स्तर सुरक्षित बताया गया है। दूसरी ओर, PM2.5 का स्तर संवेदनशील लोगों के लिए सावधानी बरतने का संकेत देता है।
दिल्ली में PM2.5 का स्तर कितना है?
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में PM2.5 का औसत स्तर 39 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर (µg/m³) दर्ज किया गया है। बता दें कि PM2.5 हवा में मौजूद बेहद महीन कण होते हैं, जो सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं। इन कणों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
वहीं, PM10 का स्तर 27 µg/m³ दर्ज किया गया है। PM10 में अपेक्षाकृत बड़े आकार के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं। इन दोनों प्रदूषकों का स्तर समझना इसलिए जरूरी है, क्योंकि केवल AQI का एक आंकड़ा हवा की पूरी गुणवत्ता की तस्वीर नहीं बताता है।
दिल्ली में अन्य प्रदूषकों का स्तर कितना है
उपलब्ध डेटा के मुताबिक, राजधानी में ओजोन (O₃) का स्तर 30 पार्ट्स प्रति बिलियन (ppb), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂) का 8 ppb और सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) का 2 ppb दर्ज किया गया है। वहीं, कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) का स्तर 401 ppb बताया गया है।
aqi.in ने इन प्रदूषकों के स्तर को स्वस्थ और सुरक्षित बताया है। हालांकि, किसी एक प्रदूषक का कम स्तर यह सुनिश्चित नहीं करता कि पूरी हवा सभी लोगों के लिए सुरक्षित है। इसके लिए समग्र AQI, प्रदूषकों की कॉन्सेंट्रेशन और उनके संपर्क की अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है।
AQI 104 होने का क्या मतलब है?
दिए गए AQI पैमाने के अनुसार, 0 से 50 तक का AQI अच्छा, 51 से 100 तक मॉडरेट या ठीक-ठाक और 101 से 150 तक खराब श्रेणी में आता है। इसके बाद 151 से 200 तक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक, 201 से 300 तक गंभीर रूप से हानिकारक और 301 या इससे अधिक का स्तर स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक श्रेणी में रखा गया है।
इस लिहाज से देखा जाए तो बारिश के बावजूद दिल्ली का AQI 104 खराब श्रेणी में है। ऐसे में अस्थमा या सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों और अन्य संवेदनशील व्यक्तियों को अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। सलाह दी जाती है कि प्रदूषण बढ़ने पर बाहर की गतिविधियों को सीमित रखें।
